संत अच्युत महाराज की 14वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि समारोह
शेंदुरजना बाजार में पालकी जुलूस और कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल

अभिनेता भरत गणेशपुरे ने समाधि पर अर्पित की श्रद्धांजलि
तिवसा/दि.5 – विदर्भ की संत परंपरा को समृद्ध करने वाले श्री संत अच्युत महाराज की 14वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रीक्षेत्र शेंदुरजना बाजार में विविध धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. शनिवार को संत अच्युत महाराज के समाधि स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता भरत गणेशपुरे विशेष रूप से उपस्थित रहे. उन्होंने संत अच्युत महाराज की समाधि पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी.
पुण्यतिथि समारोह के चलते सुबह से ही समाधि स्थल परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी. भजन, प्रवचन और कीर्तन के आयोजन से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा. सुबह 8 से 10 बजे तक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस अवसर पर जनार्दनपंत बोथे गुरुजी, सुधीरजी दिवे, एच.बी.पी. सचिन देव महाराज, सयाजी महाराज, धीरज केने सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. विधायक राजेश वानखड़े, पद्मश्री अनिलपंत सावरकर, सतीश सावरकर, जगदीश काले, नारायण बोडखे, मनोहर निमकर, एच.बी.पी. रायजी प्रभु शेलोटकर महाराज, अक्षय भेलकर, देवाशीष मुले, अर्पण निमकर, ऋषिकेश निमकर, राम निमकर, कृष्ण निमकर, मैथिली काले, आस्था देवले, राजेंद्र सावरकर, पवन भोजने, राजेंद्र देवले, प्रवीण कुबड़े, प्रमोद निमकर, भास्करराव बोडखे, जगदीश देवले, ज्ञानेश्वर बोडखे, वामनराव भोजने, प्रफुल्ल उमाप सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.
* पालकी जुलूस से गूंजा शेंदुरजना बाजार
पुण्यतिथि समारोह का मुख्य आकर्षण संत अच्युत महाराज की चरणपादुका एवं पालकी का भव्य जुलूस रहा. पालकी जुलूस के दौरान ताल-मृदंग की गूंज, भजन और संत अच्युत महाराज के जयघोष से पूरा शेंदुरजना बाजार भक्तिमय हो उठा. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जुलूस में भाग लेकर संत की चरणपादुकाओं के दर्शन किए. जुलूस के मार्ग में जगह-जगह पालकी का स्वागत किया गया. इसके बाद कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन हुआ. धार्मिक कार्यक्रमों का समापन महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ. पुण्यतिथि समारोह के सफल आयोजन के लिए श्रीराम सावरकर के साथ बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने विशेष परिश्रम किया. समारोह में बड़ी संख्या में संत अच्युत महाराज के अनुयायी और श्रद्धालु शामिल हुए.





