बार-बार बिजली गुल होने से मोर्शी के किसानों का आक्रोश
खेती के पंपों को अनियमित बिजली आपूर्ति, ओवरलोडिंग और बार-बार ट्रांसफॉर्मर जलने से परेशानी

एनसीपी के नेतृत्व में महावितरण कार्यालय पर प्रदर्शन
मोर्शी/दि.5 – तहसील में गंभीर सूखे की स्थिति के बीच खेती के लिए बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है. कृषि पंपों की बिजली बार-बार गुल होना, विद्युत लाइनों पर ओवरलोडिंग के कारण ट्रिपिंग, बार-बार ट्रांसफॉर्मर जलना तथा आवश्यक क्षमता के बजाय कम क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर लगाए जाने से नाराज किसानों ने बुधवार, 1 अक्टूबर को महावितरण कार्यालय पर प्रदर्शन किया.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के नेतृत्व में सैकड़ों किसान महावितरण कार्यालय पहुंचे. किसानों ने आरोप लगाया कि एक ओर तालुका में सूखे के हालात हैं और दूसरी ओर बिजली आपूर्ति में लगातार व्यवधान के कारण फसलों को पानी देना मुश्किल हो रहा है. समय पर सिंचाई नहीं होने से किसानों को फसलों के नुकसान का डर सता रहा है.
* बार-बार ट्रिपिंग से सिंचाई प्रभावित
किसानों के मुताबिक कृषि फीडरों पर ओवरलोडिंग के कारण बार-बार बिजली ट्रिप हो रही है. इसके अलावा ट्रांसफॉर्मर बार-बार जलने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहती है. किसानों का कहना है कि कई स्थानों पर जरूरत के अनुरूप क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर लगाने के बजाय कम क्षमता के ट्रांसफॉर्मर लगाए जाने से समस्या और गंभीर हो रही है. सूखे की स्थिति में फसलों को बचाने के लिए सिंचाई ही किसानों के लिए सबसे बड़ा सहारा है. ऐसे में बिजली आपूर्ति में लगातार आ रही रुकावट से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाने की स्थिति पैदा हो गई है.
* तत्काल समाधान की मांग
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कृषि पंपों को नियमित और पर्याप्त बिजली आपूर्ति करने, ओवरलोडिंग की समस्या दूर करने, बार-बार खराब होने वाले ट्रांसफॉर्मरों को बदलने तथा आवश्यक क्षमता के ट्रांसफॉर्मर लगाने की मांग की. प्रदर्शन के बाद किसानों की ओर से महावितरण के कार्यकारी अभियंता कासट को लिखित ज्ञापन सौंपा गया. आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए बिजली आपूर्ति की समस्या का तत्काल समाधान किया जाना आवश्यक है. किसानों ने चेतावनी दी कि समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. एनसीपी नेता साबले ने कहा कि सूखे की परिस्थिति में बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. महावितरण प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक उपाय करने चाहिए





