अनुशासन के नाम पर 82 छात्रों का मुंडन
जांभूलघाट आश्रमशाला प्रशासन पर उठे सवाल

मामले को लेकर भड़का विवाद, वडेट्टीवार ने की जांच की मांग
चंद्रपुर/दि.5 – चंद्रपुर जिले के जांभूलघाट स्थित आदिवासी आश्रमशाला में अनुशासन के नाम पर 82 विद्यार्थियों का सामूहिक मुंडन किए जाने का मामला सामने आने के बाद राज्यभर में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की जा रही है. विद्यार्थियों के आत्मसम्मान और व्यक्तिगत अधिकारों से जुड़े इस मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने तत्काल जांच की मांग की है.
जानकारी के अनुसार आश्रमशाला में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से दर्जनों विद्यार्थियों के सिर के बाल काट दिए गए. मामला सामने आते ही पालकों, सामाजिक संगठनों तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. आरोप है कि विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की सहमति के बिना ऐसा कदम उठाया गया, जिससे बच्चों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
इस मामले की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को अनुशासन सिखाने के नाम पर उनके सम्मान और व्यक्तित्व से खिलवाड़ करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने आदिवासी विकास विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने कहा कि आश्रमशालाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए होती हैं, न कि दंडात्मक प्रयोगों के लिए. यदि किसी प्रकार की अनुशासनहीनता थी, तो उसके लिए निर्धारित शैक्षणिक और प्रशासनिक उपाय अपनाए जाने चाहिए थे.
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है. पालकों का कहना है कि बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार करने से उनके आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है. वहीं सामाजिक संगठनों ने इसे विद्यार्थियों के अधिकारों से जुड़ा संवेदनशील मामला बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है और विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा है. अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई और संभावित जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है.





