उपराजधानी में बनेंगे लडाकू विमान
सी-390 मिलेनियम विमानों का होगा निर्माण

महिंद्रा-एम्ब्राएर ने नागपुर को चुना असेंबली केंद्र
करीब 6 हजार करोड़ रुपये का प्रस्तावित प्रोजेक्ट
नागपुर/दि.3 – महिंद्रा समूह और ब्राजील की प्रमुख विमान निर्माता कंपनी एम्ब्राएर ने बहुउद्देशीय सैन्य परिवहन विमान सी-390 मिलेनियम की असेंबली के लिए नागपुर को संभावित केंद्र के रूप में चुना है. दोनों कंपनियों ने गुरुवार को मुंबई में संयुक्त रूप से इस प्रस्तावित निवेश की घोषणा की. करीब 6 हजार करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के तहत नागपुर में विमान असेंबली लाइन विकसित करने की योजना है.
कंपनियों के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से प्रस्तावित सुविधा विकसित की जाएगी. इससे नागपुर में विमान असेंबली, सिस्टम इंटीग्रेशन, मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. प्रस्तावित केंद्र में विमान निर्माण से जुड़े भारतीय उद्योगों, छोटे-बड़े आपूर्तिकर्ताओं और तकनीकी कंपनियों को एक औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ने का भी लक्ष्य रखा गया है.
* 26 टन तक भार ले जाने में सक्षम
सी-390 मिलेनियम एक बहुउद्देशीय सैन्य परिवहन विमान है, जिसकी अधिकतम भार वहन क्षमता 26 टन बताई गई है. इसका इस्तेमाल सैनिकों और सैन्य उपकरणों की आवाजाही, पैराशूट के माध्यम से सामग्री पहुंचाने, घायलों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाने तथा आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में किया जा सकता है.
* भारत में एयरोस्पेस क्षमता बढ़ाने की तैयारी
एम्ब्राएर डिफेंस एंड सिक्योरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बोस्को दा कोस्टा जूनियर ने कहा कि नागपुर का संभावित असेंबली केंद्र के रूप में चयन भारत में दीर्घकालीन एयरोस्पेस इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से भारत की स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई. महिंद्रा समूह के बोर्ड सदस्य विनोद सहाय ने कहा कि सी-390 मिलेनियम के लिए एम्ब्राएर के साथ मिलकर मजबूत औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है. इससे विमान निर्माण, आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी क्षमताओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
* 2024 से चल रहा सहयोग
महिंद्रा और एम्ब्राएर के बीच फरवरी 2024 में समझौता हुआ था. इसके बाद अक्तूबर 2025 में भारतीय वायुसेना के मध्यम परिवहन विमान कार्यक्रम के लिए दोनों कंपनियों ने रणनीतिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. फरवरी 2026 में भारत में इस विमान के विकास, रखरखाव और संबंधित सुविधाओं की योजना की घोषणा की गई थी. कंपनियों के अनुसार, केंद्र सरकार की मंजूरी तथा भारतीय वायुसेना के मध्यम परिवहन विमान कार्यक्रम के तहत विमान का चयन और ऑर्डर मिलने के बाद नागपुर में असेंबली, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला तथा रखरखाव सुविधाओं के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.





