चेक अनादरण मामले में आरोपी की अपील खारिज
सत्र न्यायालय ने दो माह की कैद और 1.20 लाख रुपए मुआवजे की सजा रखी बरकरार

अमरावती/दि.5 – चेक अनादरण के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रमांक-2 ने आरोपी जयकुमार रामराव चोपडे की आपराधिक अपील खारिज करते हुए निचली अदालत की दोषसिद्धि और सजा बरकरार रखी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यशवंत ए. गोस्वामी ने आरोपी को दो माह की साधारण कैद तथा 1.20 लाख रुपए मुआवजा, शिकायत दर्ज होने की तारीख से 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित अदा करने का आदेश कायम रखा.
जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता मोहम्मद रफीक मोहम्मद इब्राहिम ने आरोपी को जमीन के व्यवहार के लिए 1.20 लाख रुपए उधार दिए थे. राशि वापस करने के लिए आरोपी ने 15 नवंबर 2017 का चेक दिया, जो बैंक में अपर्याप्त राशि के कारण अनादरित हो गया. वैधानिक नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं होने पर 16 जनवरी 2018 को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत शिकायत दर्ज की गई. जेएमएफसी न्यायालय क्रमांक-6 ने 14 अगस्त 2025 को आरोपी को दोषी ठहराते हुए दो माह की कैद और 1.20 लाख रुपए मुआवजे का आदेश दिया था. आरोपी ने इसे सत्र न्यायालय में चुनौती देते हुए चेक को ‘सिक्योरिटी चेक’ बताया, लेकिन अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया. सत्र न्यायालय ने माना कि आरोपी ने चेक पर अपने हस्ताक्षर से प्रभावी रूप से इंकार नहीं किया और वैधानिक अनुमान को विश्वसनीय साक्ष्य से खंडित करने में वह विफल रहा. इसके चलते अपील खारिज कर निचली अदालत का फैसला बरकरार रखा गया. मुआवजा नहीं चुकाने पर 15 दिन की अतिरिक्त साधारण कैद का आदेश भी कायम है. शिकायतकर्ता की ओर से एड. एल.एच. पुरोहित ने पैरवी की.





