भाजपा में जबरदस्त बगावत, संगीता शिंदे और शेखर भोयर चुनाव लडने पर डटे
अमरावती संभाग शिक्षक मतदारसंघ

* कल भरेंगे फॉर्म, विधान परिषद की सीट की लडाई हुई प्रतिष्ठापूर्ण
अमरावती/दि.5 – 23 अक्तूबर को होने जा रहे विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव का नामांकन का कल आखरी दिन रहने के साथ राजनीतिक समीकरण तेजी से बनते-बिगडते दिखाई पड रहे हैं. पांच जिलों में फैले अमरावती संभाग निर्वाचन क्षेत्र में अध्यापकों में अपनी पैठ होने का दावा कर उम्मीदवार बगावत पर आमादा नजर आ रहे हैं. विशेषकर भारतीय जनता पार्टी में नागपुर के समान अमरावती में भी विद्रोह के स्वर मजबूत दिखाई दे रहे हैं. बीजेपी से उम्मीदवारी चाहने वाली तथा सांसद डॉ. अनिल बोंडे की बहन संगीता शिंदे एवं चंद्रशेखर उर्फ शेखर भोयर कल अंतिम दिन नामांकन दाखिल करेंगे, ऐसी जानकारी दोनों ही लीडर्स ने अमरावती मंडल से आज दोपहर बातचीत दौरान दी.
उल्लेखनीय है कि, अमरावती सीट की खींचतान में दोनों ही आघाडी और महायुति फंसी नजर आ रही है. आघाडी में भी शिवसेना यूबीटी द्वारा उम्मीदवार घोषित करने के बावजूद कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशी का ऐलान कर दिया है. शिवसेना के प्रा. दत्तात्रय लहाने ने आज लाव-लष्कर के साथ जाकर नामांकन दाखिल किया. शिवसेना संपर्क प्रमुख सांसद अरविंद सावंत और कई बडे लीडर्स, सभी जिला प्रमुख इस समय प्रा. लहाने के संग दिखाई दिए. इधर कांग्रेस की ओर से कल मंगलवार को शक्ति प्रदर्शन के साथ प्रा. अदिति पोहरे का फॉर्म भरा जाएगा.
महायुति में पिछली बार बीजेपी ने शिक्षक मतदार संघ का इलेक्शन लडा था. डॉ. नितिन धांडे उसके कैंडीडेट थे. इस बार शेखर भोयर, संगीता शिंदे और अन्य कुछ नाम महीनों से चर्चा में चल रहे थे. स्वयं पालकमंत्री ने शिक्षक सम्मेलन में भोयर और संगीता शिंदे के नेतृत्व गुणों की प्रशंसा की थी. उन्होंने स्वीकार किया था कि, दोनों लीडर्स की मजबूत दावेदारी के कारण पार्टी के समक्ष धर्मसंकट की स्थिति बन सकती है. ऐसे में ताजा संकेत यही है कि, राज्यस्तर पर विधान परिषद सीट बंटवारे में अमरावती का मतदार संघ शिवसेना को छोडा गया है. ऐसे में बीजेपी के उपरोक्त दोनों लीडर्स संगीता शिंदे तथा शेखर भोयर अपनी महीनों की मेहनत और पांचों जिलों में तगडे जनसंपर्क का दावा कर खम ठोंकने तैयार है.
* मुझे फडणवीस पर विश्वास – संगीता शिंदे
संगीता शिंदे ने अमरावती मंडल से आज दोपहर चर्चा में मजबूत स्वर में कहा कि, वे चुनाव लडने जा रही है. कल अपना नामांकन दाखिल करेंगी. जब उनसे पूछा गया कि, महायुति में अमरावती की सीट शिवसेना शिंदे को दी गई है, तो संगीता शिंदे ने तुरंत कहा कि, उन्हें सीएम देवेंद्र फडणवीस पर विश्वास है. जिन्होंने उम्मीदवारी का शब्द दिया था. उल्लेखनीय है कि, संगीता शिंदे अमरावती में बीजेपी के बडे लीडर और राज्यसभा सदस्य डॉ. अनिल बोंडे की बहन है. इतना ही नहीं, तो डॉ. बोंडे पिछले अनेक दिनों से अनेक कार्यक्रमों में अपनी बहन संगीता शिंदे को साथ लेकर ही पहुंच रहे हैं.
संगीता शिंदे ने कहा कि, उनकी शिक्षण संघर्ष संगठन है. वे इस संगठन की राज्य अध्यक्षा हैं. शिंदे ने बताया कि, अमरावती संभाग के पांचों जिलों में उनके संगठन का काम है. पदाधिकारी है, कार्यकर्ता है. बीते कई वर्षों से वे अध्यापकों के मुद्दे और समस्याएं न केवल मुखर बल्कि उनके समाधान के लिए भी प्रयत्नशील रही है. संगीता शिंदे ने दावा किया कि, अमरावती के अधिकांश शिक्षक वोटर्स को उनके कार्यों की भलीभांति जानकारी है. इस बातचीत दौरान वे गांधी विद्यालय में चुनावी मीटिंग को ही अटेंड कर रही थी.
* शेखर भोयर भी रेडी
शिक्षक मतदार संघ का पिछला चुनाव लड चुके शेखर भोयर ने पिछले वर्ष ही बीजेपी में एंट्री ले ली थी. स्वयं पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने उनका भव्य शिक्षक सम्मेलन में स्वागत किया था. उनकी प्रशंसा की थी. भोयर ने अमरावती मंडल से चर्चा में स्पष्ट कहा कि, वे इलेक्शन लडने के लिए रेडी है. बल्कि उनका प्रचार-प्रसार बराबर हो रहा है. उनके सभी कार्यकर्ता, अध्यापक वर्ग काम से लगा है. भोयर ने यह भी कहा कि, भाजपा नेताओं ने उन्हें उम्मीदवारी का भरोसा दिया था. इसीलिए वे महीनों से तैयारी में जुटे थे. उनके पांचों जिलों के दो दौरे हो चुके हैं. भोयर ने दावा किया कि, उन्होंने अध्यापकों के लिए शासन स्तर पर आवाज उठाई है, प्रश्न हल किए हैं. उनके कामों को देखते हुए भाजपा उम्मीदवारी देगी. भोयर ने यह भी कहा कि, वे इलेक्शन जरुर लडेंगे.
बीजेपी के लिए उक्त दोनों उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से राज्य सरकार में महत्वपूर्ण सहयोगी घटक शिवसेना शिंदे के नाराज होने का खतरा बताया जा रहा है. यद्यपि शिवसेना शिंदे में भी दो प्रबल दावेदार किरण सरनाईक और प्रा. श्रीकांत देशपांडे हैं. दोनों ही शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधायक रह चुके हैं. ऐसे में आघाडी हो या महायुति अमरावती में बगावत के आसार हैं. जिससे इलेक्शन रोचक होनेवाला है.





