जिला बैंक में अब प्रशासक नियुक्ति की राह खुली

हाईकोर्ट ने सत्ताधारी संचालक मंडल की याचिका खारिज की

* अध्यक्ष बच्चू कडू व उपाध्यक्ष अभिजीत ढेपे को झटका
अमरावती/दि.5 – अमरावती जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के सत्ताधारी संचालक मंडल को आज उस समय बड़ा झटका लगा, जब बैंक के मौजूदा संचालक मंडल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद आगामी चुनाव तक उसे पद पर बनाए रखने की मांग को लेकर दाखिल याचिका को नागपुर खंडपीठ ने खारिज कर दिया है. अदालत के इस फैसले के बाद अब बैंक में आगे की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सहकार विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है. कार्यकाल समाप्त होने के बाद बैंक में प्रशासक नियुक्त करने का विकल्प भी खुल गया है. अदालत के इस फैसले को बैंक के अध्यक्ष व विधायक बच्चू कडू तथा उपाध्यक्ष अभिजीत ढेपे सहित सत्ताधारी दल से जुडे संचालकों के लिए बडा झटका माना जा रहा है.
बता दें कि, बैंक के मौजूदा संचालक मंडल का कार्यकाल 4 अक्तूबर को समाप्त हो चुका है. ऐसे में सत्ताधारी संचालकों की ओर से आगामी चुनाव होने और नया संचालक मंडल गठित होने तक मौजूदा मंडल को पद पर बने रहने की अनुमति देने की मांग की गई थी. इसी मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था और एक याचिका दायर की गई थी. वहीं दूसरी ओर, विपक्षी संचालकों ने इसका विरोध करते हुए सहकार कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्यकाल समाप्त होने के बाद वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था किए जाने की भूमिका रखी थी.
नागपुर खंडपीठ में न्या. अनिल किलोर की एकल पीठ के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान सत्ताधारी संचालक मंडल की ओर से एड. भांगड़े और एड. कप्तान ने पक्ष रखा. वहीं, विपक्षी संचालकों की ओर से एड. फिरदौस मिर्जा ने पैरवी की. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सत्ताधारी संचालकों की याचिका निरस्त कर दी. हाईकोर्ट के इस निर्णय से मौजूदा संचालक मंडल के कार्यकाल को चुनाव तक बढ़ाने की उम्मीदों को झटका लगा है. अध्यक्ष बच्चू कडू और उपाध्यक्ष अभिजीत ढेपे के नेतृत्व वाले संचालक मंडल के लिए यह फैसला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
* अब सहकार विभाग के अगले कदम पर नजर
संचालक मंडल का कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद बैंक की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अब सहकार विभाग के अगले कदम पर नजरें टिकी हैं. प्रशासक की नियुक्ति अथवा कानून के तहत उपलब्ध अन्य प्रशासनिक व्यवस्था के संबंध में विभाग की ओर से निर्णय लिया जाना अपेक्षित है. इसलिए फिलहाल बैंक में प्रशासक नियुक्ति को अंतिम या निश्चित व्यवस्था मानना जल्दबाजी होगी.
* चुनाव प्रक्रिया पहले से जारी
इस बीच जिला बैंक के आगामी चुनाव की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है. प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद उस पर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों की प्रक्रिया जारी है. सहकार विभाग के कार्यक्रम के अनुसार 14 अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जानी है. इसके बाद चुनाव का अगला कार्यक्रम स्पष्ट होने की संभावना है. ऐसे में हाईकोर्ट का फैसला बैंक की आगामी प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ चुनाव प्रक्रिया की दिशा से भी जुड़ा हुआ है. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सहकार विभाग अदालत के निर्णय के बाद बैंक के संचालन को लेकर क्या कदम उठाता है और चुनाव प्रक्रिया किस गति से आगे बढ़ती है.

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