निराधार लाभार्थियों का बंद मानधन तत्काल शुरू करें

प्रहार का भातकुली तहसील कार्यालय पर आंदोलन

* फसल नुकसान के लिए हेक्टेयर 50 हजार रुपये सहायता की मांग
अमरावती /दि. 8- भातकुली तालुका में अपंग, विधवा, वृद्ध तथा संजय गांधी निराधार और श्रावणबाल योजना के अनेक लाभार्थियों का बंद किया गया मानधन तत्काल शुरू किया जाए. साथ ही बारिश के अभाव में उत्पन्न सूखा-सदृश स्थिति के कारण हुए फसल नुकसान का पंचनामा कर किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए, इन मांगों को लेकर प्रहार सामाजिक संगठन की ओर से बुधवार को भातकुली तहसील कार्यालय के समक्ष आंदोलन किया गया.
आंदोलन के बाद तहसीलदार को मांगों का निवेदन सौंपते हुए कहा गया कि, तहसील के अनेक निराधार लाभार्थियों का पिछले कुछ दिनों से मानधन बंद है. वेबसाइट बंद होने अथवा दस्तावेजों में त्रुटियां होने का कारण बताकर कई लाभार्थियों का भुगतान रोक दिया गया है. इससे आर्थिक रूप से कमजोर लाभार्थियों के सामने रोजमर्रा के जीवन-यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. आंदोलनकारियों ने कहा कि कुछ निराधार लाभार्थियों के सामने तो भीख मांगने तक की नौबत आ गई है.
प्रहार ने मांग की कि तलाठी और कोतवाल गांव-गांव जाकर निराधार लाभार्थियों की समस्याओं की जानकारी लें. दस्तावेजों में आवश्यक सुधार कराकर मानधन शुरू करने की प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए और अधिकतम आठ दिनों के भीतर सभी लंबित प्रकरणों का निपटारा किया जाए. साथ ही गांवों में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहने वाले तलाठियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की गई.
बारिश की कमी के कारण तालुका में सूखा-सदृश स्थिति निर्माण हुई है. इससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने का दावा करते हुए प्रहार ने तत्काल फसल नुकसान के पंचनामे कराने की मांग की. पंचनामे पूर्ण कर प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी निवेदन में की गई है. प्रहार सामाजिक संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि आठ दिनों के भीतर इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो भातकुली तहसील कार्यालय पर घेराव आंदोलन किया जाएगा. आंदोलन में प्रहार के जिलाध्यक्ष छोटू महाराज वसू, महानगरप्रमुख बंटी रामटेके, भातकुली तहसीलप्रमुख गजानन भुगुल सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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