बडनेरा के आधार केंद्र में बेघर लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर

विश्व बेघर दिवस सप्ताह के तहत आयोजन

* रक्तचाप, मधुमेह, आंखों और दांतों की जांच कर बांटी गईं मुफ्त दवाइयां
अमरावती/दि.10 – विश्व बेघर दिवस सप्ताह के अवसर पर अमरावती महानगरपालिका के राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत पब्लिक एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी द्वारा संचालित आधार शहरी बेघर आश्रय केंद्र, बडनेरा में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में आश्रय केंद्र में रहने वाले बेघर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सा परामर्श और मुफ्त दवाइयां वितरित की गईं.
इस शिविर में अमरावती के शासकीय महाविद्यालय के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उपस्थित रही. डॉक्टरों ने आश्रय केंद्र के प्रत्येक निवासी की स्वास्थ्य जांच की और उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी लेकर आवश्यक मार्गदर्शन दिया. शिविर में रक्तचाप, मधुमेह, दांतों, आंखों तथा सामान्य स्वास्थ्य की जांच की गई. जिन लोगों को उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई और दवाइयां वितरित की गईं. इस दौरान डॉक्टरों ने बदलते मौसम और ठंड के दिनों में स्वास्थ्य का ध्यान रखने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने तथा बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी. शिविर के माध्यम से बेघर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया.
* विशेषज्ञ डॉक्टरों और समाजसेवियों की उपस्थिति
शिविर में डॉ. सजल बंसल, डॉ. पवन चव्हाण, दंत चिकित्सक डॉ. सानिका मेंढके, समाजसेवी किशोर धर्माले और अजय वानखडे उपस्थित थे. इनके साथ टेक्नीशियन मनीषा रामटेके, फार्मासिस्ट वैशाली बोरकर, पराग इंगोले तथा उनके सहयोगियों ने भी सेवाएं दीं.
* आश्रय केंद्र के कार्यों की सराहना
कार्यक्रम की सफलता के लिए आधार केंद्र के संचालक राजीव बसवनाथे, ज्योति राठोड, देखभालकर्ता किशोर मरकाम और रोहित घोंगडे ने विशेष प्रयास किए. इस अवसर पर केंद्र की ओर से सभी डॉक्टरों और समाजसेवियों का पुष्पगुच्छ देकर आभार व्यक्त किया गया. बेघर और निराश्रित लोगों की सेवा में निरंतर जुटी रहने वाली ज्योति राठोड के कार्यों की डॉक्टरों ने भी सराहना की.
* 10 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रम
विश्व बेघर दिवस सप्ताह के अंतर्गत 1 से 10 अक्टूबर तक आधार केंद्र में विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है. इनमें स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं. इन गतिविधियों के माध्यम से आश्रय केंद्र के निवासियों में सामाजिक सहभागिता, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है.

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