बैंकिंग का अध्ययन कर आगे बढने का आवाहन

महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक एसोसिएशन के नए अध्यक्ष

* विधायक संजय भेंडे का भव्य सम्मान समारोह
* विभागीय सहकारी बैंक असो. का आयोजन
अमरावती/दि.4 – महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक एसोसिएशन लिमिटेड, मुंबई, अमरावती विभागीय अर्बन बैंक एसोसिएशन लिमिटेड तथा अमरावती जिला नागरी सहकारी बैंक एसोसिएशन लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को अमरावती के होटल गौरी इन में सहकारी बैंकों की विभागीय बैठक आयोजित की गई. इस अवसर पर विधान परिषद के नवनिर्वाचित सदस्य (एमएलसी) एवं नागपुर नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रा. संजय भेंडे का भव्य सम्मान किया गया. साथ ही महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर उनके चयन पर भी उनका अभिनंदन किया गया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता अमरावती विभागीय अर्बन बैंक एसोसिएशन के अध्यक्ष इंजी. अरविंद गावंडे ने की. मंच पर महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रा. डॉ. दिगंबर दुर्गाडे, अमरावती जिला नागरी सहकारी बैंक एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र महल्ले, विशेषज्ञ संचालक डॉ. विनायक तराले, भारती विद्यापीठ के संचालक डॉ. अजित मोरे, पूर्व अध्यक्ष सीए भाऊसाहेब कड तथा वसंतराव घुईखेडकर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. बैठक में अमरावती संभाग की विभिन्न सहकारी बैंकों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संचालक मंडल के सदस्य एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे. इस अवसर पर जिजाऊ बैंक के अध्यक्ष बबनराव आवारे का भी सम्मान किया गया.
अपने मार्गदर्शन में डॉ. दिगंबर दुर्गाडे ने सहकारी बैंकों के समक्ष मौजूद चुनौतियों, भविष्य की योजनाओं तथा बदलते समय के अनुरूप नई तकनीक अपनाने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि सहकारिता में मैं की बजाय हम की भावना से कार्य करना चाहिए. उन्होंने टीमवर्क, गैप एनालिसिस, सतत सीखने की प्रवृत्ति तथा परंपरा और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर विशेष जोर दिया.
इसके बाद डीजी टेक्नॉलॉजी कंपनी के संचालक प्रवीण वानखेडे एवं उनकी टीम ने सहकारी बैंकों के दैनिक कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी उपयोग का लाइव प्रदर्शन प्रस्तुत किया. डॉ. अजित मोरे ने भारती विद्यापीठ एवं एसोसिएशन के संयुक्त प्रयास से संचालित विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों तथा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन एमबीए कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इनका लाभ लेने का आह्वान किया. वहीं डॉ. विनायक तराले ने केंद्र सरकार की नई सहकार नीति की जानकारी देते हुए सभी सहकारी बैंकों से नई नीति के मसौदे पर चर्चा कर अपने सुझाव एवं आवश्यक संशोधन शासन तक पहुंचाने की अपील की.
* नए नियमों को सकारात्मक दृष्टि से देखें
सम्मान के उत्तर में विधायक प्रा. संजय भेंडे ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकार क्षेत्र के साथियों द्वारा किया गया यह सम्मान उनके लिए विशेष महत्व रखता है. उन्होंने कहा कि वे पिछले 30 से 35 वर्षों से सहकार क्षेत्र में सक्रिय हैं और अनेक समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्य करते रहे हैं. उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियों पर अपने विचार रखते हुए कहा कि लगातार दस वर्ष तक किसी बैंक में संचालक रहने वाले व्यक्ति को अगला चुनाव लड़ने पर रोक संबंधी प्रावधान को सकारात्मक दृष्टि से देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोई व्यवसायी नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपता है, उसी प्रकार अनुभवी संचालकों को भी युवा नेतृत्व को अवसर देना चाहिए और मार्गदर्शक की भूमिका निभानी चाहिए. भेंडे ने कहा कि बैंकों को अपने कर्मचारियों को बोझ नहीं, बल्कि अपनी सबसे बड़ी पूंजी (एसेट) मानना चाहिए. उन्होंने संचालक मंडलों से बैंक की नीतियों का गहन अध्ययन करने तथा समय के अनुरूप बदलाव अपनाने का आग्रह किया. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सहकारी बैंकिंग क्षेत्र भविष्य में भी समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा.
अध्यक्षीय संबोधन में अरविंद गावंडे ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के नए दिशा-निर्देशों पर सभी सहकारी बैंकों को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए. उन्होंने बताया कि आरबीआई जल्द ही सभी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए समान उपनियम लागू करने की दिशा में कार्य कर रहा है. ऐसे में सहकारी क्षेत्र को अपने सुझाव समय पर प्रस्तुत करने चाहिए, ताकि भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके. कार्यक्रम का सफल संचालन जिजाऊ बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरीश नसीरकर ने किया. कार्यक्रम की सफलता के लिए अमरावती विभागीय सहकारी बैंक एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरद भोकसे तथा महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वीरसेन गुरव ने विशेष योगदान दिया. अंत में सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा सामूहिक भोज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.

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