2 लाख के चेक बाउंस मामले में आरोपी बरी

बैंक के रिटर्न मेमो पर हस्ताक्षर और मुहर नहीं थे

* अधिवक्ता आर. एस. शर्मा व एड. प्रेम शर्मा ने की पैरवी
अमरावती /दि.22- 2 लाख के चेक अनादरण से जुडे मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-1 के अदालत ने आरोपी महेश कन्हैयालाल कृष्णानी को बडी राहत देते हुए चेक बाउंस मामले में बरी कर दिया. न्यायालय ने 11 सितंबर को फैसला सुनाते हुए निचली अदालत की दोषसिद्धि और सजा को रद्द कर दिया. आरोपी की ओर से अधिवक्ता आर. एस. शर्मा एवं अधिवक्ता प्रेम शर्मा ने प्रभावी पैरवी की.
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि, आरोपी ने मई और जून 2019 के दौरान उससे कुल 2 लाख उधार लिए थे. यह राशि वापस करने के लिए आरोपी ने शिकायतकर्ता को 2 लाख का पोस्ट-डेटेड चेक दिया था. शिकायतकर्ता ने उस चेक को 10 फरवरी 2020 को बैंक में जमा किया. शिकायतकर्ता के अनुसार बैंक ने चेक को खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण वापस कर दिया. इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा और भुगतान नहीं होने पर धारा 138 के तहत न्यायालय में मामला दायर किया. मामले की सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने 3 मार्च 2025 को आरोपी को दोषी ठहराया था.
अदालत ने उसे पांच माह के साधारण कारावास की सजा सुनाने के साथ ही शिकायतकर्ता को 2.70 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया था. इस फैसले को चुनौती देते हुए आरोपी की ओर से क्रिमिनल अपील दायर की गई. अपील की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने चेक के अनादरण के मूल प्रमाण पर ही सवाल उठाया. अपील में बचाव पक्ष की ओर से मुख्य दलील दी गई कि, चेक के खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने का दावा जिस बैंक रिटर्न मेमो के आधार पर किया जा रहा है, उस दस्तावेज पर बैंक की आवश्यक मुहर एवं अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे. सुनवाई के दौरान बैंक मैनेजर की गवाही भी महत्वपूर्ण रही. जिरह में बैंक मैनेजर ने स्वीकार किया कि, संबंधित रिटर्न मेमो पर बैंक अधिकारी की मुहर और हस्ताक्षर मौजूद नहीं थे. इसके अलावा वे चेक के प्रस्तुत किए जाने और उसके अनादर से संबंधित मूल बैंक रिकॉर्ड भी न्यायालय के समक्ष पेश नहीं कर सके.

Back to top button