‘उक्त’ लाश विश्रोली निवासी काजल इंगले की

अधजले शव की हुई शिनाख्त

* पिता जीतेन्द्र इंगले ने की पुष्टि
* पुलिस डीएनए जांच का लेगी सहारा
* तपोवन टेकडी के पीछे मिला था अधजला शव
* दो दिन बाद मामले की गुत्थी सुलझी
अमरावती/दि.4 – स्थानीय गाडगेनगर पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत तपोवन टेकडी के पीछे राजुरा बेडे के पास स्थित जंगल परिसर से दो दिन पहले एक युवती की अधजली लाश बरामद हुई थी. जिसकी पहचान चांदुर बाजार तहसील अंतर्गत विश्रोली गांव निवासी 21 वर्षीय काजल जीतेन्द्र इंगले के तौर पर कर ली गई है. उक्त शव काजल इंगले का रहने की पुष्टि उसके पिता सहित अन्य परिजनों द्बारा की गई है. हालांकि उसके बावजूद फ्रेजरपुरा पुलिस द्बारा डीएनए टेस्टिंग का सहारा लेेने का निर्णय लिया गया है. ताकि मृतका के शव तथा शव की पहचान करनेवाले परिजनों के डीएनए सैम्पलों का मिलान करते हुए मृतका की पुख्ता तौर पर पहचान सुनिश्चित की जा सके.
बता दें कि विगत मंगलवार 2 जून की दोपहर तपोवन परिसर के पीछे स्थित सुनसान जंगल क्षेत्र से होकर गुजरनेवाले नाले के पास स्थित गढ्ढे में एक युवती का अधजला शव पडा दिखाई दिया था. जिसके पास लोहे की एक रॉड भी पडी हुई थी. जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने प्राथमिक अनुमान जताया था कि उक्त युवती को सुनसान स्थान पर लाने के बाद उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से वार करते हुए उसे मौत के घाट उतारा गया और फिर सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसके शव को गढ्ढे में डालकर कोई ज्वलनशील पदार्थ छिडकते हुए जलाने का प्रयास किया गया. लेकिन 2 जून को दोपहर बाद तेज बारिश हुई थी. जिसके चलते संभवत: आग बुझ गई और शव अधजला रह गया.
खास बात रही कि इस घटना के सामने आते ही तपोवन परिसर के आसपास रहनेवाले एक परिवार ने आशंका जताई कि उनके परिवार से वास्ता रखनेवाली काजल इंगले विगत 31 मई से लापता है. जो मूलत: चांदुर बाजार तहसील के विश्रोली गांव की रहनेवाली थी तथा अमरावती के एक अस्पताल में अटेंडेंट के तौर पर काम किया करती थी. अमरावती में अपनी नौकरी रहने के चलते काजल अमरावती शहर में किराए का कमरा लेकर रहा करती थी. तपोवन परिसर निवासी परिवार द्बारा उक्त शव काजल का रहने के संदर्भ में दावा किए जाने के बाद विश्रोली गांव में रहनेवाले उसके परिजन 2 जून की देर रात अमरावती पहुंचे थे. हालांकि इसके बावजूद 3 जून की दोपहर तक शव की पहचान को लेकर असमंजस वाली स्थिति बनी रही. क्योंकि काजल के पिता जीतेन्द्र इंगले उक्त शव अपनी बेटी का रहने अथवा नहीं रहने को लेकर काफी हद तक संभ्रम में थे. लेकिन दोपहर बाद जीतेन्द्र इंगले सहित अन्य परिजनों ने शव के नाखून पर लगे नेलपेंट और गले में रहनेवाले स्कॉर्प के आधार पर उक्त शव काजल इंगले का ही रहने की पुष्टि की. साथ ही गुरूवार की रात फ्रेजरपुरा थाने में काजल के लापता रहने की शिकायत भी दर्ज कराई. जिसके चलते पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद उक्त शव को अंतिम संस्कार के लिए इंगले परिवार के सुपुर्द कर दिया गया.
* पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी के फुटेज
31 मई की रात से लापता रहनेवाली काजल इंगले आखिर सुनसान जंगल क्षेत्र में कब, कैसे व किसके साथ पहुंची थी. इस बात का पता लगाने हेतु फ्रेजरपुरा पुलिस द्बारा उस परिसर के आसपास चारों तरफ अलग-अलग स्थानों पर लगे रहनेवाले सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाल रही है ताकि काजल की अंतिम गतिविधियों और घटनास्थल तक उसके पहुंचने की कडियों को जोडा जा सके. इसके अलावा जांच अधिकारी द्बारा काजल इंगले के मोबाइल लोकेशनों को खंगालने के साथ- साथ घटनास्थल के आसपास पुलिस दौरान एक्टीव रहनेवाले मोबाइल फोन की डिटेल्स को भी खंगाला जा रहा है. इसके अलावा काजल के हालिया संपर्को एवं उसके द्बारा की गई अंतिम बातचीत के पहलुओं को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है.
* अभी तक किसी संदिग्ध का नाम नहीं आया सामने
इस संदर्भ में पुलिस सूत्रों द्बारा दी गई जानकारी के मुताबिक जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने कई लोगों को पूछताछ के लिए पुलिस थाने बुलाया और सवाल जवाब करने के बाद नोटिस देकर जाने दिया. लेकिन अब तक स्पष्ट रूप से किसी संदिग्ध का नाम सामने नहीं आया है. जिसके चलते यह गुत्थी अब भी अनसुलझी है कि आखिर काजल की मौत कैसे हुई. उसे किसने व क्यों मौत के घाट उतारा. इसके चलते पुलिस इस अनसुलझी गुत्थी को सुलझाने का प्रयास कर रही है.
* डीएनए जांच व मीसिंग रिपोर्ट को माना जा रहा महत्वपूर्ण
उल्लेखनीय है कि हाल ही में बुलढाणा जिले के जलगांव जामोद में एक युवती के सिर कटे व अधजले शव की पहचान को लेकर काफी बडी गडबडी हुई थी. जिसकी वजह से पुलिस को काफी किरकिरी का सामना भी करना पडा था. इसे ध्यान में रखते हुए इस घटना की पुनरावृत्ति को टालने हेतु गाडगेनगर पुलिस ने इंगले परिवार की ओर से काजल की गुमशुदगी को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने और अधजले शव की शिनाख्त काजल इंगले के तौर पर करने के बावजूद डीएनए सेम्पलों की रिपोर्ट का आधार लेने का निर्णय लिया. ताकि शव की शिनाख्त को लेकर आगे चलकर कोई संदेह की गुुंजाईश न रहे.

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