अमरावती प्राधिकार विधान परिषद क्षेत्र

पार्षदों के लिए ऐतिहासिक चुनावी संधि

* वंचित आघाडी के उम्मीदवार नीलेश विश्वकर्मा का दावा
अमरावती/दि.5 – पूरे राज्य के इतिहास में पहली बार कोई स्वयं नगरसेवक रहते हुए नगरसेवकों के विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र का इलेक्शन लड रहा है. अत: अमरावती जिले के नगरसेवकों हेतु अपने अधिकार के व्यक्ति को उच्च सदन में भेजने का मौका है. अपने स्वाभिमान को जागृत कर नगरसेवकों को मुझे साथ देनी चाहिए. यह बात और अपील वंचित बहुजन आघाडी के अमरावती प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. नीलेश विश्वकर्मा ने कही. वे भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के साथ विधान परिषद के रण में डटे हैं. इसी उपलक्ष्य उनसे अमरावती मंडल ने संक्षिप्त संवाद किया. ज्ञातव्य है कि, अमरावती सीट से 18 जून को होने जा रहे चुनाव में भाजपा के प्रवीण पोटे पाटिल, कांग्रेस के हर्षजीत देशमुख और स्वयं नीलेश विश्वकर्मा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने जा रहा है. गुरुवार को नामांकन पीछे लेने की अवधि बीत जाने पश्चात उपरोक्त तीनों प्रत्याशी मैदान में डटे हैं.
* रणनीति पर भी बोले
डॉ. नीलेश विश्वकर्मा युवा लीडर है. उन्होंने विधान परिषद चुनाव हेतु अपनी रणनीति का थोडा खुलासा करते हुए कहा कि, जिले के पार्षदों का स्वाभिमान जगाना ही उनका लक्ष्य है. सभी को पता है कि, यह इलेक्शन घोडे बाजार का इलेक्शन कहलाता है. ऐसे में जिले के पार्षदों को उच्च सदन में अपनी बात रखने के लिए अधिकार का व्यक्ति भेजने का मौका यह चुनाव लडते हुए दे रहे हैं.
* कैसे जुटाएंगे संख्याबल
इस प्रश्न पर नीलेश विश्वकर्मा ने दो टूक कहा कि, संख्याबल की बात करें तो निश्चित ही बीजेपी और कांग्रेस के पास आज की घडी में वोटर्स काफी है. फिर यह चुनाव लक्ष्मी दर्शन का भी कहा जाता है. ऐसे में पार्षदों के हित की बात करनेवाले नीलेश विश्वकर्मा और अन्य प्रत्याशियों के बारे में वोटर्स अर्थात जिले के नगरसेवक और पदाधिकारी अवश्य विचार करेंगे, यह क्लेम नीलेश विश्वकर्मा ने किया.
* तीन बार रहे पार्षद
विधानसभा का दो बार चुनाव लड चुके वंचित बहुजन आघाडी के युवा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. नीलेश विश्वकर्मा ने प्रश्न के उत्तर में कहा कि, वे तीन बार पार्षद रहे हैं. अभी भी चांदुर रेलवे पालिका के सदस्य हैैं. पार्षदों की क्या समस्याएं और अपेक्षाएं होती है, इसका भली प्रकार नॉलेज है. इसीलिए उच्च सदन जाने की तमन्ना रखते हैं. वहां जाकर पार्षदों की आवाज बुलंद करने, उनके क्षेत्र के लिए विकास निधि लाने, परियोजनाएं तत्परता से मंजूर और साकार करवाने प्रयास करेंगे. विश्वकर्मा ने अमरावती निर्वाचन क्षेत्र का बेहतरीन नेतृत्व कर चुके वसुधाताई देशमुख, जगदीश गुप्ता का नामोल्लेख किया. महाराष्ट्र में किसी पार्षद द्वारा विधान परिषद चुनाव लडने का यह पहला अवसर है. इस ओर डॉ. नीलेश विश्वकर्मा ने ध्यान दिलाया.

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