अमरावती की प्यास बुझेगी, 985 करोड की जलापूर्ति योजना का काम तीव्र गति से
अगले 50 वर्षों की चिंता दूर

* अगले वर्ष मार्च तक काम होगा पूरा
* पाइप लाइन आच्छादन का 30 प्रतिशत कार्य हुआ
अमरावती/दि.14- बढते शहरीकरण के कारण महसूस हो रही जलकिल्लत को देखते हुए स्थायी हल खोजने अमरावती और बडनेरा शहरों के लिए लागू क्रियान्वित 985 करोड की जलापूर्ति योजना का कार्य प्रगती पर है. बल्कि 32 प्रतिशत काम हो चुका है. तेजी से 1500 एमएम पाइप लाइन बिछाई जा रही है. यह काम मुंबई की ईगल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी कर रही है. योजना पूर्ण हो जाने पर अमरावती-बडनेरा शहर की अगले पांच दशकों की पेयजल की समस्या दूर हो जाएगी.
* बन रही है पानी टंकियां भी
मोर्शी के सिंभोरा डैम से अमरावती तक नई पाइप लाइन बिछाने के साथ कार्य प्रगती पर है. मोर्शी रोड से सटे स्थान पर मुख्य पाइप लाइन बिछाई जा रही है. काम युद्धस्तर पर शुरु है. सभी का ध्यान इस योजना पर लगा है. शहर के विविध भागों में जलापूर्ति करने के लिए नई टंकियां भी बनाई जा रही है.
* मार्च 2027 तक पूर्ण
योजना के सारे काम अगले वर्ष मार्च 2027 तक पूर्ण करने हैं. जिस रफ्तार से काम चल रहा है, उससे लगता है कि, ठेकेदार कंपनी समय पर काम पूरा कर देगी. अगले साल मार्च से लोगों को तेज दबाव का पानी मिलने लगेगा. विधायक संजय खोडके, विधायक सुलभा खोडके, विधायक रवि राणा द्वारा केंद्र और राज्य सरकार के पास किये गये फॉलोअप से ही यह योजना मंजूर हुई और इसके लिए सैकडों करोड का फंड मंजूर करवाया गया.
* विकास में मील का पत्थर
मजीप्रा के उपविभागीय अभियंता संजय लेवरकर ने दावा किया कि, 985 करोड की यह जलापूर्ति योजना शहर के विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगी. उन्होंने दावा किया कि, भविष्य की आबादी को ध्यान में रखकर ही यह योजना तैयार की गई है. तेजी से क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है.
* गोवर्धन टेकडी पर शुद्धिकरण
महादेव खोरी की गोवर्धन टेकडी पर अत्याधुनिक जलशुद्धिकरण केंद्र बनाया जा रहा है. यह केंद्र जलापूर्ति योजना का मुख्य आधार रहेगा. यहीं से पानी साफ कर दोनों शहरों अमरावती-बडनेरा को नियमित पेयजल की आपूर्ति की जाएगी. शहर में आठ स्थानों पर नई टंकियां निर्माणाधीन है.





