माला जपो मालामाल हो जाओगे

माई रामप्रियाश्रीजी का आवाहन

* राधाकृष्ण मंदिर में वरुथिनी एकादशी
अमरावती/दि.15– राधाकृष्ण सेवा समिति द्वारा वरुथिनी एकादशी पर रंगारी गली स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर में पाक्षिक महाआरती का आयोजन किया तो समस्त शहर से हजारों भक्त उमडे थे. भाविकों ने उत्साह से आरती में भाग लेने के साथ एकादशी महात्म्य की माई रामप्रियाश्रीजी के मुखारविंद से कथा भी चाव से श्रवण की. पूज्य रामप्रियाश्रीजी ने ख्याति के अनुरुप सुंदर विवेचन और प्रवचन किया. उस प्रकार उपस्थितों को रामराम के कीर्तन में भी सराबोर कर दिया था.
उन्होंने कहा कि, आज के दौर में एकादशी व्रत करने के अनेक प्रकार हो सकते हैं. उन्होंने आवाहन किया कि, स्मार्ट फोन से दूर रहने का व्रत भी हो सकता है. बडे ही सीधे-सरल अंदाज में रामप्रियाश्रीजी ने एकादशी का महत्व बतलाया. आपने कहा कि, एकादशी पर भोजन की मात्रा सीमित कर देनी चाहिए. भजन की मात्रा बढा देनी चाहिए. उन्होंने मन को नियंत्रित करने के लिए रामनाम जाप भी करवाकर बता दिया कि, मन को प्रभू स्मरण से सहज नियंत्रित किया जा सकता है. मन नियंत्रण में रहेगा, तो ही हम भक्ति में रस ले सकेंगे और प्रभू को पा सकेंगे. आपने बडे सहज अंदाज में कहा कि, एकादशी पर दो घंटे का मौन व्रत लेना चाहिए. आपने कहा माला जपते रहे, तो सहज मालामाल हो जाएंगे. यह माल भगवान, ईश्वर से जुडने वाला माल होगा. उन्होंने वरुथिनी एकादशी के नामकरण तथा पुण्य का विवेचन सहित अनेक उदाहरण देकर अपनी बात को समझाने का प्रयत्न किया. समिति द्वारा प्रत्येक पखवाडे किया जा रहा महाआरती आयोजन की सराहना माई रामप्रियाश्रीजी ने की.
सोमवार के यजमान श्रीमती सूरजदेवी भीकमचंदजी भूतडा, गौ सम्मान अभियान, गौमाता रक्ततुला समिति, अर्चना रमन झंवर, काकानी परिवार, हेमावंती देवी चंपालालजी हेडा, गायल माता परिवार आसोप, गोपालदास राठी सायत, महेंद्र कुमार गोवर्धन सोनी रहे. सैकडों की संख्या में भक्तों ने महाआरती का आनंद लिया. पंडित संजयजी शर्मा ने आगामी मई में आ रहे पुरुषोत्तम मास उपलक्ष्य नियोजित महालक्ष्मी यज्ञ में यजमान बनने का आवाहन किया. वहीं आगामी रविवार 19 अप्रैल को शाम 5 बजे राधाकृष्ण मंदिर से निकलने वाली गौमाता रक्ततुला शोभायात्रा में भी सहभागी होने का अनुरोध किया.

 

Back to top button