चिखलदरा में विद्रोही गट नेता को प्रोत्साहित कर रही बीजेपी

शहर अध्यक्ष सुरपाटणे का आरोप

* जिलाध्यक्ष प्रभुदास भिलावेकर का कहां है ध्यान
* पक्ष श्रेष्ठी के ध्यान नहीं देने से तहसील में कमजोर हो रही भाजपा, कार्यकर्ता नाराज
चिखलदरा/दि.15– चिखलदरा पालिका चुनाव में करारी हार का सामना करने के बाद भाजपा को अब घर से ही तोहमते मिलने लगी है. 20 सीटों वाली चिखलदरा पालिका में भाजपा को 8 सीटों पर संतोष करना पडा था. उसके गुट नेता ने पार्टी के स्वीकृत चुनाव में खुला विद्रोह किया था. स्वीकृत नगरसेवक के लिए भाजपा ने शहर अध्यक्ष वेदांत सुरपाटणे के नाम का पत्र आने के बावजूद गुट नेता को वह पत्र न देते हुए दूसरे व्यक्ति को स्वीकृत नगरसेवक बनने में मदद की थी. कहा जाता हैं कि, वरिष्ठ के आदेश का खुला उल्लंघन करने के बावजूद उस नेता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. उलटे उसी नेता को प्रोत्साहित किया जा रहा है. जिसके कारण बीजेपी के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता नाराज होकर घर बैठ जाने का चित्र है. पार्टी संगठन कमजोर होने का दावा तहसीलस्तर पर हो रहा है.
भाजपा शहर अध्यक्ष वेदांत सुरपाटणे ने एक इंटरव्यू में आरोपी किया कि, तहसील में वरिष्ठों का ध्यान नहीं होने के कारण भाजपा कार्यकर्ता खफा है. उन्होंने प्रश्न के एक उत्तर में बताया कि, विकास कार्यों के 6 करोड रुपए का फंड एक साल पहले ही 2025 में आ गया था. गुट नेता द्वारा अभी 12 करोड रुपए लाने का दावा सरासर झूठा और जनता में भ्रम पैदा करने वाला है. सुरपाटणे ने चुनौती दी कि, गुट नेता सबके सामने रखे कि, कितने पैसे कब आये और किसने लाया? भाजपा के प्रयासों से ही दिये जा रहे हैं. मगर झूठा श्रेय न लेने की सलाह उन्होंने इस समय दी. वेदांत सुरपाटणे ने कहा कि, चुनाव के समय तन-मन-धन से काम करने वाले बीजेपी के सभी कार्यकर्ता को पार्टी में सम्मान मिलना चाहिए. तहसील के सभी कार्यकर्ता को भी सम्मानजनक स्थान मिलना चाहिए. उन्होंने जिलाध्यक्ष और विधायक द्वारा विशेष ध्यान दिये जाने की जरुरत पर बल दिया. उन्होंने कहा कि, तहसील में भाजपा संगठन की जवाबदारी के लिए विशेष प्रयत्न तथा बैठक लेकर काम होना चाहिए. सुरपाटणे ने कहा कि, वरिष्ठों के सामने सच्चाई रखने का उन्हें पार्टी का जवाबदार पदाधिकारी होने से पूर्ण अधिकार है. सुरपाटणे ने कहा कि पुराना वह गोल्ड यह नीति अपनाने से ही पार्टी हित साध्य होगा. पुराने कार्यकर्ताओं की कीमत पार्टी ने जाननी चाहिए.

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