दोबारा टेंडर के बावजूद 20 रेत घाटों की नीलामी अटकी

अवैध उत्खनन बढ़ा, आम नागरिक किल्लत से परेशान

* प्रशासन के सामने चुनौती
अमरावती/दि.10 – जिले में रेत घाटों की नीलामी प्रक्रिया एक बार फिर अटक गई है. दोबारा ई-टेंडर जारी किए जाने के बावजूद 53 में से 20 रेत घाटों के लिए एक भी ठेकेदार आगे नहीं आया, जिससे नीलामी प्रक्रिया ठप हो गई है. प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों के कारण इसका सीधा फायदा अवैध रेत खनन व परिवहन करने वालों को मिल रहा है, जबकि आम लोगों को रेत की कमी का सामना करना पड़ रहा है. नई रेत नीति के तहत अक्टूबर 2025 से 20 मार्च 2026 तक जिले के 53 रेत घाटों की ई-टेंडर प्रक्रिया चलाई गई. प्रशासन को यह प्रक्रिया आठ बार करनी पड़ी और हर बार दो-दो बार समय-सीमा बढ़ानी पड़ी. लंबी प्रक्रिया के बाद 33 घाटों की नीलामी पूरी हो सकी, लेकिन शेष 20 घाटों के लिए बार-बार टेंडर और समय-वृद्धि के बावजूद कोई बोलीदाता सामने नहीं आया.
* 268 मामलों में कार्रवाई, 26 एफआईआर दर्ज
इन 20 बिना नीलाम हुए घाटों से बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन होने के आरोप हैं. इसे रोकने के लिए राजस्व विभाग ने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक विशेष अभियान चलाया. अभियान के दौरान अवैध रेत खनन और परिवहन के 268 मामलों में कार्रवाई की गई तथा विभिन्न पुलिस थानों में 26 आपराधिक मामले दर्ज किए गए.
* स्थानीय नागरिकों को दी जा रही रेत
नई रेत नीति के अनुसार जिन घाटों की नीलामी नहीं हो पाई है, वहां से स्थानीय नागरिकों और सरकारी आवास योजनाओं के लाभार्थियों को आवश्यकता के अनुसार रेत उपलब्ध कराई जा रही है. इसके लिए तहसीलदारों को संबंधित 20 घाट स्थानीय उपयोग के लिए खोलने के निर्देश दिए गए हैं. अब तक इन घाटों से करीब 1 हजार ब्रास (ब्रास/घनफुट माप के अनुसार) रेत स्थानीय नागरिकों और पात्र लाभार्थियों को वितरित की जा चुकी है.

 

Back to top button