अंजनगांव सुर्जी को ‘बुस्टरडोज’, गारमेंट क्लस्टर के लिए 1.52 करोड

राज्य सरकार का बडा निर्णय: सैकडों युवकों को मिलेगा काम

अमरावती/दि.3-अंजनगांव सुर्जी तहसील के कपास उत्पादन क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है. महाराष्ट्र राज्य औद्योगिक समूह विकास कार्यक्रम (एमएसआयसीडीपी) अंतर्गत स्थानीय रेडीमेड गारमेंट क्लस्टर के लिए सुविधा केन्द्र (सीएफसी) के निर्माण के लिए एक करोड 52 लाख 85 हजार 800 रूपए की निधि को 31 मार्च को प्रशासकीय मंजूरी दी गई है. इस निर्णय से स्थानीय अर्थ व्यवस्था को गति मिलेगी और सैकडों युवाओं के हाथों में काम होगा.

* कैसा होगा किसानों का फायदा ?
अमरावती जिला कपास उत्पादन में अग्रणी है. गारमेंट क्लस्टर की वजह से कच्ची कपास पर स्थानीय स्तर पर प्रक्रिया होकर उसका कपडे में रूपांतर होगा. जिससे किसानों को उनके माल का अच्व्छा दाम मिलने की संभावना बढी है.् साथ ही पैकेजिंग और कच्चे माल की आपूर्ति के माध्यम से कृषि पूरक व्यवसाय को गति मिलेगी.

* क्या है शासन का निर्णय
राज्य शासन के निर्णयानुसार प्रकल्प के लिए कुल 60% ृ के प्रमाण में 1. 52 करोड रूपए की निधि मंजूर की गई है. संचालनालय के मार्गदर्शक तत्व के अनुसार इस निधि से मशीन, डिजाइन सेंटर और प्रशिक्षण केन्द्र का भी निर्माण अंजनगांव सुर्जी में किया जायेगा.

* क्या है गारमेंट क्लस्टर ?
अंजनगांव सुर्जी में अनेक प्रस्थापित वस्त्र उत्पादक और कपडों का व्यवसाय है. राज्य के औद्योगिक विकास कार्यक्रम अंतर्गत स्थापित अंजनगांव सुर्जी के दर्यापुर रोड पर औद्योगिक क्षेत्र में गारमेंट क्लस्टर यह तैयार कपडों पर लक्ष्य केन्द्रीत करनेवाला 97 सुक्ष्म- यूनिट का समावेश रहनेवाला एक समर्पित औद्योगिक उपक्रम है. जिसका उद्देश्य स्थानीय रोजगार को बढावा देना है.

युवकों को रोजगार के अवसर
1. सीधे रोजगार : गारमेंट क्लस्टर की वजह से गारमेंट क्षेत्र में कटिंग, स्टीचिंग और पैकेचिंग के लिए बडी संख्या में मनुष्य बल की आवश्यकता पडेगी. जिसकी वजह से स्थानीय युवकों को दूसरे शहर में न जाते हुए गांव में ही रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे.
2. अत्याधुनिक सिलाई मशीन का प्रशिक्षण : सामुदायिक सुविधा केन्द्र में अत्याधुनिक कम्प्यूटर डिजाइन (कैड) और अत्याधुनिक सिलाई मशीन का प्रशिक्षण दिया जायेगा. जिससे युवकों की कला को बढावा मिलेगा.

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