मुफ्त में हुई क्लेफ्ट सर्जरी
अमरावती में 45 मरीजों की लौटी मुस्कान

* डॉ. राजेंद्र गोडे मेडिकल कॉलेज में तीन दिवसीय शिविर संपन्न
* जन्मजात कटे होंठ और तालू की समस्या से पीड़ित बच्चों व युवाओं का हुआ उपचार
अमरावती /दि.15 – जन्मजात कटे होंठ और कटे तालू की समस्या से जूझ रहे बच्चों एवं युवाओं के चेहरे पर मुस्कान लौटाने के उद्देश्य से अमरावती के डॉ. राजेंद्र गोडे मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तीन दिवसीय निःशुल्क शल्य चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया. मिशन स्माइल, बजाज फिनसर्व और डॉ. राजेंद्र गोडे मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के संयुक्त सहयोग से 12 से 14 अक्टूबर तक आयोजित इस शिविर में 45 मरीजों की सफलतापूर्वक शल्य चिकित्सा की गई. शिविर के पहले दिन 53 मरीजों की निःशुल्क जांच की गई. इनमें से शल्य चिकित्सा के लिए चिकित्सकीय रूप से उपयुक्त पाए गए 45 मरीजों का चयन किया गया. इसके बाद 13 और 14 अक्टूबर को सभी चयनित मरीजों की सर्जरी की गई. मरीजों और उनके साथ आए परिजनों के रहने, भोजन, यात्रा तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था भी निःशुल्क की गई.
शिविर का उद्घाटन इंदिरा बहुउद्देशीय शिक्षण संस्था के सीईओ एवं प्रख्यात शल्य चिकित्सक डॉ. योगेश गोडे, संचालक डॉ. सुनील हातकर, प्रभारी अधिष्ठाता डॉ. सीमा सुने, मिशन स्माइल के राष्ट्रीय सीईओ कॉनराड डेनिस, टीम प्रमुख डॉ. कुलजीत वर्क और डॉ. प्रभाकर की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. इस अवसर पर कुछ मरीजों और उनके अभिभावकों ने भी दीप प्रज्ज्वलन में सहभागिता की. डॉ. राजेंद्र गोडे मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मिशन स्माइल का यह पहला चिकित्सा अभियान था. शिविर में देश के विभिन्न हिस्सों से प्लास्टिक सर्जरी, ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी, एनेस्थीसिया, बाल रोग, कान-नाक-गला, दंत चिकित्सा और नर्सिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों ने सेवाएं दीं.
* विदर्भ के कई जिलों के मरीजों को मिला लाभ
इस अभियान में अमरावती के साथ ही छत्रपति संभाजीनगर, चंद्रपुर, वर्धा, अकोला और यवतमाल सहित महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से आए जरूरतमंद मरीजों ने पंजीकरण कराया. शिविर में भर्ती मरीजों को सर्जरी, दवाइयां और पोषण संबंधी सहायता पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई गई. मरीजों और उनके अभिभावकों के लिए आने-जाने की सुविधा, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था भी की गई. इसके अलावा जरूरत के अनुसार शल्य चिकित्सा से पहले और बाद में आवश्यक जांच तथा उपचार उपलब्ध कराया गया. शिविर के दौरान पांच मरीजों की निःशुल्क 2-डी इको जांच की गई, जबकि कुछ जरूरतमंद मरीजों की सोनोग्राफी भी मुफ्त में कराई गई. आयोजकों के मुताबिक इस पहल का प्रमुख उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को समय पर सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और समावेशी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि जन्मजात शारीरिक विकृति के कारण उनके जीवन और आत्मविश्वास पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सके.
* 79 हजार से अधिक मरीजों का किया गया मूल्यांकन
मिशन स्माइल एक पंजीकृत चिकित्सा सेवाभावी संस्था है, जो कटे होंठ, कटे तालू और चेहरे की अन्य जन्मजात विकृतियों से प्रभावित बच्चों एवं मरीजों को निःशुल्क शल्य चिकित्सा और उपचार उपलब्ध कराती है. संस्था के मुताबिक वर्ष-2002 से अब तक देशभर में 79 हजार से अधिक मरीजों का व्यापक चिकित्सकीय मूल्यांकन किया गया है, जबकि 53 हजार से अधिक बच्चों और वयस्कों को निःशुल्क सर्जरी एवं क्लेफ्ट केयर की सुविधा दी गई है. संस्था ने देशभर में 185 चिकित्सा अभियानों, 17 आउटरीच केंद्रों और गुवाहाटी स्थित व्यापक क्लेफ्ट केयर केंद्र के माध्यम से अपनी सेवाएं जारी रखी हैं. बजाज फिनसर्व के सहयोग से इससे पहले भी 650 लाभार्थियों को निःशुल्क सुधारात्मक सर्जरी और संबंधित उपचार उपलब्ध कराए जा चुके हैं.
* देशभर के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी सेवाएं
शिविर में लुधियाना के डॉ. कुलजीत सिंह वर्क, हैदराबाद के डॉ. प्रभाकर मर्गम, मुंबई के डॉ. रंगनाथ जवाहर, कटक के डॉ. अभितोष देबता, पुणे की डॉ. पूजा दांडेकर, मध्य प्रदेश के कोलार की डॉ. सुजाथा, चेन्नई की डॉ. अन्नू थैगराजन और कोच्चि के डॉ. रोहित कमल ने अपनी सेवाएं दीं. डॉ. राजेंद्र गोडे मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की ओर से सीईओ डॉ. योगेश गोडे, संचालक डॉ. सुनील हातकर, प्रभारी अधिष्ठाता डॉ. सीमा सुने, कान-नाक-गला विभागाध्यक्ष एवं शिविर संयोजक डॉ. नीरज मुरके, डॉ. प्राजक्ता मोवाले, मैक्सिलोफेशियल विशेषज्ञ डॉ. अश्विनी दंदे, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. राधा सावदेकर, डॉ. नितिन अलसपुरकर, डॉ. शुभम राठी, डॉ. सौरभ लकड़े, डॉ. शिवानी गंधे तथा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सचिन दामके और डॉ. विजय सिंह राजपूत सहित अन्य चिकित्सकों ने योगदान दिया.





