फाइनेंस पर ली गई गाड़ी लेकर खरीदार फरार
वाहन बिक्री के सौदे में मालिक से धोखाधड़ी

* फाइनेंस कंपनी की वसूली से परेशान हुआ मूल वाहन मालिक
* शिरखेड थाने में शिकायत दर्ज
शिरखेड/दि.2- वाहन खरीद-बिक्री के एक मामले में धोखाधड़ी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि खरीदार ने नोटरी और लिखित समझौते के बावजूद शर्तों का पालन नहीं किया, वाहन अपने कब्जे में लेकर फरार हो गया और फाइनेंस की किस्तें भी जमा नहीं कीं. इसके चलते फाइनेंस कंपनी अब मूल वाहन मालिक से वसूली कर रही है, जिससे वह मानसिक तनाव में है. पीड़ित ने शिरखेड पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है.
जानकारी के अनुसार, मोर्शी निवासी शिक्षित बेरोजगार दत्तराज बालू इंगले ने रोजगार के लिए चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी से कर्ज लेकर आयशर प्रो 3018 (एमएच-27/डीटी-0330) ट्रक खरीदा था. उन्होंने तीन लाख रुपये डाउन पेमेंट जमा किया था और वाहन की मासिक किस्त 50 हजार रुपये थी. इंगले ने नियमित रूप से 14 किस्तें जमा कीं, लेकिन बाद में आर्थिक कठिनाइयों के कारण वाहन बेचने का निर्णय लिया. इसी दौरान सालोरा निवासी आकाश वानखेडे और चांदूर बाजार तहसील के कृष्णापुर निवासी विशाल सुनीलपंत वानखेडे ने वाहन खरीदने की इच्छा जताई. दोनों पक्षों के बीच यह सौदा तय हुआ कि विशाल वानखेडे दत्तराज इंगले को ढाई लाख रुपये नकद देगा तथा वाहन पर बकाया लगभग 19 लाख रुपये का कर्ज और आगे की सभी मासिक किस्तें स्वयं भरेगा.
बताया गया कि विशाल वानखेडे ने यह भी आश्वासन दिया था कि वह हर महीने 50 हजार रुपये की किस्त जमा करेगा और 12 माह के भीतर वन टाइम सेटलमेंट कर पूरा ऋण चुका देगा. इसके बाद 8 जनवरी 2026 को दोनों पक्षों के बीच विधिवत लिखित समझौता किया गया और दो गवाहों की मौजूदगी में नोटरी भी कराई गई. समझौते के बाद इंगळे ने वाहन वानखेडे के कब्जे में दे दिया. हालांकि, आरोप है कि वाहन लेने के बाद विशाल वानखेडे ने तय शर्तों के अनुसार फाइनेंस कंपनी में किस्तें जमा नहीं कीं. इसके चलते चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी ने मूल मालिक दत्तराज इंगले को नोटिस भेजना शुरू कर दिया. लगातार नोटिस और वसूली के दबाव से इंगले मानसिक रूप से परेशान हो गए.
पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने विशाल वानखेडे से संपर्क कर किस्तें जमा करने को कहा, तो पहले उसने भुगतान करने का आश्वासन दिया. लेकिन बाद में मिलने पर उसने कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धमकी देते हुए कहा कि जो करना है कर लो. इसके बाद उसने इंगले का मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया. आखिरकार दत्तराज इंगले ने शिरखेड पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जांच और कार्रवाई की मांग की है. अब इस मामले में पुलिस क्या कदम उठाती है, इस पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं. स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि विशाल वानखेडे और आकाश वानखेडे पहले भी कई लोगों को इसी तरह धोखा दे चुके हैं. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पीड़ित दत्तराज इंगले का कहना है कि पुलिस जांच में सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी.





