सावधान! बिना लाइसेंस कृषि उपज की खरीद-बिक्री पर कार्रवाई
विपणन निदेशालय के अजीब आदेश

अमरावती/दि.12– महाराष्ट्र राज्य में कृषि उपज की खरीद-बिक्री के व्यवसाय में सुसूत्रता लाने और किसानों की धोखाधड़ी रोकने के लिए ’विपणन निदेशालय’ ने कड़े कदम उठाए हैं. महाराष्ट्र कृषि उपज विपणन (विकास और विनियमन) अधिनियम 1963 और नियम 1967 के प्रावधानों के अनुसार, राज्य के किसी भी व्यापारी, संस्था या किसान उत्पादक कंपनी के लिए कृषि उपज का व्यापार करने हेतु वैध लाइसेंस लेना अब अनिवार्य है. विपणन निदेशक ने बिना लाइसेंस व्यापार करने वाले घटकों पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है.
* बिना लाइसेंस व्यापार की शिकायतों का संज्ञान
राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई व्यापारियों और संस्थाओं द्वारा बिना किसी आधिकारिक लाइसेंस के बड़े पैमाने पर कृषि उपज की खरीद-बिक्री करने की शिकायतें निदेशालय को प्राप्त हुई थीं. पूर्व में समय-समय पर सूचना देने के बावजूद यह संज्ञान में आया है कि कई घटक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं. इस पृष्ठभूमि में, 8 मई 2026 को एक विशेष परिपत्र जारी कर सभी जिला उप-निबंधकों को इस विषय के संबंध में कड़ाई से कार्यान्वयन करने के आदेश दिए गए हैं.
* कानून में महत्वपूर्ण बदलाव और प्रावधान
विपणन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र कृषि उपज विपणन विकास और विनियमन मुख्य अधिनियम की धारा 6 की उप-धारा 2 में बदलाव के अनुसार, कृषि उपज व्यापार के लिए लाइसेंस आवश्यक है. पिछले कुछ वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े व्यापारी अपने दलालों के माध्यम से किसानों का माल ’टोकन’ देकर मौके से ही उठा लेते हैं. इस माल को स्टॉक कर भाव बढ़ने के बाद बाजार में बेचते हैं. हालांकि, किसानों को पुराने और कम दाम पर राशि दी जाती है. कई बार व्यापारी ग्रामीण क्षेत्रों से भारी मात्रा में माल इकट्ठा कर फरार होने की घटनाएं भी हुई हैं. यदि विपणन निदेशालय द्वारा दिए गए इन आदेशों का सहकारिता विभाग कड़ाई से पालन करता है, तो किसानों से धोखाधड़ी रुकने की संभावना है.
* कानूनी प्रावधानों का पालन आवश्यक
विपणन उप-निदेशक ने अपील की है कि किसान उत्पादक कंपनियां और सहकारी संस्थाएं कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए ही अपना व्यवहार करें. उम्मीद जताई जा रही है कि इस निर्णय से कृषि उपज व्यापार में पारदर्शिता आएगी और अनधिकृत व्यापार पर लगाम लगेगी. विपणन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि जो व्यापारी अभी भी बिना लाइसेंस के व्यवसाय कर रहे हैं, वे तत्काल संबंधित विभाग से लाइसेंस प्राप्त कर लें, अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.





