चंपतराव बनारसे का विश्वस्त पद रद्द
रामनाथ स्वामी देवस्थान के विवाद पर कोर्ट का फैसला

* बाबाराव माटोडे को नई समिति बनाने के आदेश
नांदगांव खंडेश्वर/दि.8- नांदगांव खंडेश्वर तहसील के वाढोणा रामनाथ स्थित परमहंस रामनाथ स्वामी देवस्थान की प्रबंधन समिति को लेकर कई वर्षों से चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. अमरावती के सहायक धर्मादाय आयुक्त द्वारा जारी आदेश में चंपतराव बनारसे का विश्वस्त पद रद्द कर दिया गया है. वहीं बाबाराव माटोडे को देवस्थान का एकमात्र अधिकृत विश्वस्त माना गया है. आदेश में बाबाराव माटोडे को नए सदस्यों की नियुक्ति कर नई विश्वस्त समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं.
* देवस्थान के वर्चस्व को लेकर दो गुटों में विवाद
वाढोणा रामनाथ स्थित देवस्थान के प्रबंधन और वर्चस्व को लेकर पिछले कई वर्षों से दो गुटों के बीच विवाद चल रहा था. इसी विवाद को लेकर कुछ समय पहले दोनों गुटों के बीच जमकर मारपीट भी हुई थी. बताया गया कि चंपतराव बनारसे और बाबाराव माटोडे ही देवस्थान से संबंधित अधिकृत सदस्य थे. चंपतराव बनारसे ने अपने पद से इस्तीफा देकर अपने भतीजे अमित बनारसे को विश्वस्त बनाने की सिफारिश की थी. वहीं, देवस्थान के पूर्वाध्यक्ष रामकृष्ण गायधनी के निधन के बाद रिक्त पद पर चंपतराव बनारसे ने कथित तौर पर उनके पुत्र नितीन गायधनी को समिति में शामिल कर लिया था.
* अनधिकृत सदस्यों को लेकर भी उठे सवाल
इस मामले में अरुण मुले का सदस्यत्व धर्मादाय न्यायालय द्वारा पहले ही रद्द किया जा चुका था. इसके बावजूद उनके द्वारा देवस्थान का कामकाज देखने का मामला भी सामने आया. अरुण मुले, नितीन गायधनी और अमित बनारसे के देवस्थान से संबंधित अधिकृत सदस्य नहीं होने के बावजूद कामकाज संभालने को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी. मामले की सुनवाई के दौरान धर्मादाय न्यायालय के संज्ञान में यह बात आने के बाद संबंधित अनियमितताओं को गंभीरता से लिया गया. इसके बाद चंपतराव बनारसे का सदस्य पद रद्द कर दिया गया. अब आदेश में बाबाराव माटोडे को देवस्थान का अधिकृत विश्वस्त माना गया है.
* 15 दिन में नई समिति बनाने के निर्देश
अदालत के आदेश के अनुसार बाबाराव माटोडे को 15 दिनों के भीतर नई विश्वस्त समिति गठित करनी होगी. इसके लिए इच्छुक लोगों से आवेदन आमंत्रित करने संबंधी सूचना ग्राम पंचायत के बाहर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं. इच्छुक व्यक्तियों से आवेदन प्राप्त करने के बाद रामनाथ स्वामी देवस्थान के नए विश्वस्तों की घोषणा की जाएगी. इस निर्णय से वर्षों से चले आ रहे देवस्थान समिति के विवाद का समाधान होने की उम्मीद जगी है. अब नई समिति के गठन के बाद देवस्थान का कामकाज नियमानुसार चलने का रास्ता साफ हो गया है.





