कर्जमाफी की राशि में ‘हेयरकट’ को लेकर भ्रम, तकनीकी दिक्कतों से किसान परेशान
बैंक अधिकारियों में भी असमंजस, शिकायतों के बढ़ने पर हर शाखा में हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश

अमरावती/दि.5– पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना-2026 के तहत कर्जमाफी की प्रक्रिया में ‘हेयरकट’ (कर्ज समायोजन) की गणना को लेकर किसानों और बैंक अधिकारियों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है. तकनीकी समस्याओं और पोर्टल में आ रही दिक्कतों के कारण किसानों को कर्जमाफी की स्वीकृत राशि समझने में परेशानी हो रही है, वहीं शिकायतों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है.
जानकारी के मुताबिक वाणिज्यिक बैंक एनपीए अवधि के आधार पर कर्जमाफी की राशि तय कर रहे हैं. हालांकि, ‘हेयरकट’ की गणना के तकनीकी फार्मूले को लेकर स्वयं बैंक अधिकारी भी स्पष्ट नहीं हैं. कई मामलों में स्वीकृत राशि को लेकर विवाद उत्पन्न हो रहे हैं, जिसके चलते किसानों को जिला स्तरीय समिति के समक्ष शिकायत करनी पड़ रही है.
* सरकार ने तय किया है हेयरकट का प्रतिशत
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में तय किए गए निर्देशों के अनुसार सरकार एनपीए खातों में डीबीटी के माध्यम से निर्धारित प्रतिशत के अनुसार राशि जमा करेगी, जबकि शेष राशि बैंक वहन कर खाता बंद करेंगे और पात्र किसानों को नया फसल ऋण उपलब्ध कराएंगे.
* एनपीए अवधि के अनुसार हेयरकट का प्रतिशत इस प्रकार निर्धारित
– 30 सितंबर 2021 से पहले के एनपीए खाते: 35 प्रतिशत
– वर्ष 2021-22: 45 प्रतिशत
– वर्ष 2022-23: 55 प्रतिशत
– वर्ष 2023-24: 70 प्रतिशत
– वर्ष 2024-25: 85 प्रतिशत
* हर बैंक शाखा में बनेगा किसान हेल्प डेस्क
कर्जमाफी की राशि को लेकर बढ़ते भ्रम और शिकायतों को देखते हुए जिला कलेक्टर आशीष येरेकर ने राष्ट्रीयकृत बैंकों को प्रत्येक शाखा में किसान हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को योजना और कर्जमाफी की गणना संबंधी जानकारी आसानी से मिल सके.
* 67.74 प्रतिशत किसानों ने कराया आधार सत्यापन
जिला उप निबंधक, सहकारी संस्था राजेश भुयार के अनुसार, योजना के तहत अब तक 52,150 किसानों ने आधार सत्यापन पूरा किया है, जो कुल पात्र किसानों का 67.74 प्रतिशत है. इसके अलावा 10,282 किसानों के पास अभी फार्मर आईडी नहीं है, जबकि 3,788 खाताधारकों का निधन हो चुका है. ऐसे मामलों के निराकरण की प्रक्रिया भी जारी है.





