संसद परिसर में कांग्रेस का प्रदर्शन, अमित शाह के इस्तीफे की मांग
प्रियंका गांधी के नेतृत्व में सांसदों ने किया विरोध प्रदर्शन

* सांसद बलवंत वानखडे ने भी लिया प्रदर्शन में हिस्सा
* छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर मामले की जांच की उठाई मांग
नई दिल्ली/अमरावती/दि.30- संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को संसद परिसर में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. कांग्रेस महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में पार्टी सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन करते हुए 20 जुलाई को हुए सीजेपी आंदोलन के दौरान छात्रों और आंदोलनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा की तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग उठाई. इस प्रदर्शन में अमरावती संसदीय क्षेत्र के लोकसभा सदस्य बलवंत वानखडे ने भी हिस्सा लिया.
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया. सांसदों ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध दर्ज कराना नागरिकों का अधिकार है तथा सरकार को दमनात्मक कार्रवाई के बजाय संवाद और जवाबदेही का रास्ता अपनाना चाहिए. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 20 जुलाई को हुए आंदोलन के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर की गई पुलिस कार्रवाई चिंताजनक है. पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने तख्तियां और बैनर लेकर नारेबाजी की तथा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया.
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसदों ने राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले का मुद्दा भी उठाया. पार्टी नेताओं ने कहा कि इस मामले में सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करानी चाहिए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि किसी प्रकार की शंका या भ्रम की स्थिति न रहे. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों की आवाज को दबाने के बजाय सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता अधिक महत्वपूर्ण होती है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष और छात्रों की आवाज को अनसुना कर रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. प्रदर्शन में कांग्रेस के कई सांसद शामिल रहे. पार्टी नेताओं ने कहा कि छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को संसद से लेकर सड़क तक उठाया जाता रहेगा. कांग्रेस सांसदों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों और आंदोलनकारियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने उचित कदम नहीं उठाए, तो विपक्ष भविष्य में भी इस विषय को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगा.





