5 सितंबर को राजकमल चौराहे पर रहेगी दहीहांडी की धूम

नवयुवक विद्यार्थी संगठन का जल्लोषपूर्ण आयोजन

* गोपालकाला वाले दिन गोविंदा टीमें दिखाएंगी दमखम
* सन 1987 से जन्माष्टमी पर आयोजन की संगठन चला रहा परंपरा
* आयोजन को लेकर अभी से शुरू है जबरदस्त तैयारियां, महिलाओं की सुरक्षा हेतु रहेंगे विशेष इंतजाम
* 51 हजार, 31 हजार व 21 हजार के प्रथम तीन पुरस्कार रहेंगे
* संगठन की परंपरानुरूप पुलिस आयुक्त के हाथोें दिए जाएंगे पुरस्कार
* राजनीति से परे सर्वदलीय नेताओं व जनप्रतिनिधियों की रहेगी मौजूदगी
* दैनिक ‘अमरावती मंडल’ है जल्लोषपूर्ण आयोजन का मीडिया पार्टनर
अमरावती/दि.27 – भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गोपालकाला के उपलक्ष्य में शहर के ऐतिहासिक राजकमल चौक पर आगामी 5 सितंबर को दहीहांडी उत्सव की धूम देखने को मिलेगी. शहर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था नवयुवक विद्यार्थी संगठन द्वारा आयोजित इस पारंपरिक कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. आयोजन में जिले सहित विदर्भ के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली गोविंदा टीमें मानव पिरामिड बनाकर अपनी कला, साहस और संतुलन का प्रदर्शन करेंगी. विशेष उल्लेखनिय है कि, इस जल्लोषपूर्ण आयोजन में पश्चिम विदर्भ के अग्रणी हिंदी दैनिक अमरावती मंडल द्वारा मीडिया पार्टनर की भूमिका निभाई जा रही है.
बता दे कि, संगठन द्वारा वर्ष 1987 से लगातार जन्माष्टमी के अवसर पर दहीहांडी उत्सव का आयोजन किया जा रहा है. पिछले लगभग चार दशकों में यह आयोजन अमरावती की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुका है. हर वर्ष हजारों नागरिक इस आयोजन के साक्षी बनते हैं और इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों के उपस्थित रहने की संभावना है.
* गोविंदा पथकों में रहेगा कड़ा मुकाबला
आयोजकों के अनुसार इस वर्ष भी दहीहांडी फोड़ने वाली टीमों के लिए आकर्षक पुरस्कारों की घोषणा की गई है. प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 51 हजार रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 31 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 21 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा. प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमें कई स्तरों वाले मानव पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर बंधी दहीहांडी को फोड़ने का प्रयास करेंगी. इस दौरान रोमांचक मुकाबलों के साथ दर्शकों को पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद मिलेगा.
* पुलिस आयुक्त के हाथों होगा पुरस्कार वितरण
नवयुवक विद्यार्थी संगठन की वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार प्रतियोगिता में विजेता टीमों को पुरस्कार पुलिस आयुक्त के हाथों प्रदान किए जाएंगे. आयोजन समिति का मानना है कि इससे खिलाड़ियों और युवाओं को प्रोत्साहन मिलता है तथा सामाजिक संस्थाओं और प्रशासन के बीच सकारात्मक समन्वय भी स्थापित होता है.
* सर्वदलीय नेताओं की रहेगी मौजूदगी
आयोजन की विशेषता यह भी है कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक मंच तक सीमित नहीं रहता. हर वर्ष की तरह इस बार भी विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा शहर के गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे. आयोजन समिति ने इसे सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का उत्सव बताया है.
* महिलाओं की सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान
बड़ी संख्या में महिलाओं और परिवारों की उपस्थिति को देखते हुए आयोजन समिति ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे. इसके अलावा पुलिस प्रशासन के सहयोग से यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की भी व्यवस्था की जाएगी.
* शहर में उत्सव का माहौल
दहीहांडी आयोजन को लेकर शहर में अभी से उत्साह का वातावरण दिखाई दे रहा है. राजकमल चौक क्षेत्र में सजावट, मंच निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारियां तेज गति से चल रही हैं. आयोजन समिति ने नागरिकों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उत्सव को सफल बनाने की अपील की है. नवयुवक विद्यार्थी संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं में साहस, टीम भावना, अनुशासन और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला उत्सव है. इसी उद्देश्य के साथ संगठन पिछले 39 वर्षों से इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है.
* नवयुवक संगठन को दहीहांडी उत्सव मुंबई से अमरावती लाने का श्रेय
यहां यह विशेष उल्लेखनिय है कि, दहीहांडी उत्सव का उगम मुंबई से माना जाता है. जहां पर विगत कई दशकों से दहीहांडी उत्सव का आयोजन होता आ रहा है और मुंबई से इस उत्सव की परंपरा को अमरावती लाने का श्रेय नवयुवक विद्यार्थी संगठन को ही दिया जा सकता है. सन 1974-75 के आसपास अमरावती के कुछ विद्यार्थियों व नवयुवकों द्वारा एकसाथ आकर गठित किए गए नवयुवक विद्यार्थी संगठन के नानू महल्ले, प्रा. विजय देशमुख व बालकिसन पाण्डेय द्वारा वर्ष 1987 में पहली बार जन्माष्टमी के पर्व निमित्त अमरावती में दहीहांडी स्पर्धा व उत्सव का आयोजन किया था. जिसके बाद से राजकमल चौराहे पर प्रतिवर्ष दहीहांडी उत्सव के आयोजन की परंपरा शुरू हो गई और इस परंपरा को आगे चलकर संजय देशमुख, बबन रडके, दिलीप मेहरे, पप्पू पाटिल, राजू खरसान, विलास मराठे, राजेंद्र वर्मा, महेश साहू, राजू जाधव, बंडू केतकर व पंकज दिघडे ने आगे बढाया. सन 1987 से शुरू हुई नवयुवक विद्यार्थी संगठन की दहीहांडी सन 2020 तक अनवरत ढंग से चलती रही और इसके बाद कोविड संग्रमण काल की वजह से इस परंपरा में व्यवधान पडा. जिसके बाद लोकाग्रह को ध्यान में रखते हुए करीब 5-6 वर्ष के अंतरार पश्चात एक बार फिर नवयुवक विद्यार्थी संगठन की दहीहांडी आयोजित की जा रही है.

* संगठन की नई पीढी नए जोश के साथ कमान संभालने तैयार
खास बात यह भी है कि, नवयुवक विद्यार्थी संगठन में अब सभी पुराने चेहरे मार्गदर्शक की भूमिका में चले गए है. वहीं नवयुवकों व विद्यार्थियों की नई पीढी द्वारा संगठन को चलाया जा रहा है. जिनमें अतुल टाले, किशन जाधव, मिलींद लेंघे, प्रतिक सवई, सुभाष खोरगडे, सतीश बुनगे, ऐश्वर्या देशमुख, आकाश माहुलकर, आदित्य पोवडे, सिध्देश साहू, निखिल कराले, निनाद खंडोकर, मयूर गरोले, यश कोल्हे, राधेय देशमुख, लालू रावत, लाल साहू, बाबू गजबे, राहुल विरूलकर, सागर माहुलकर, क्रिष्णा कोरडे, श्याम श्रीवास, शुभम शाह, क्रिपाल जोशी, ओम सुर्वा, राजू खैर, स्वप्निल उके, प्रवीण अग्रवाल, दिलीप मेहरे, जगदीश गवली, नंदू देशमुख, बालासाहेब देशपांडे, बी. डी. देशमुख, प्रेम कुचे, छोटू खान व भूषण परिहार आदी सहीत कई नवयुवकों व विद्यार्थियों का समावेश है.
* सुबह 9 से शाम 5 बजे तक चलेगा आयोजन, 33 से 35 फीट की ऊंचाई पर रहेगी दहीहांडी
आयोजन के संदर्भ में जानकारी देते हुए नवयुवक विद्यार्थी संगठन के पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि, यह आयोजन सुबह 9 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगा तथा आयोजन के पहले राऊंड में दहीहांडी को 33 से 35 फीट की ऊंचाई पर लटकाया जाएगा. आयोजकों ने बताया कि, महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आयोजन को शाम ढलने से पहले ही खत्म किया जाएगा. साथ ही इस आयोजन में शामिल होने हेतु भले ही कई गोविंदा टीम की ओर से प्रस्ताव मिल रहे है, परंतु समय की कमी को देखते हुए आयोजन में अधिकतम 10 से 11 गोविंदा टीमों को ही शामिल होने की अनुमती दी जाएगी. इसके अलावा अधिक से अधिक गोविंदा टीमें दहीहांडी को फोड सके इस हेतु दहीहांडी की अधिकतम ऊंचाई को 30 से 35 फीट ही रखा जाएगा और यदी पहले प्रयास में एक से अधिक टीमों द्वारा हंडी को नहीं फोडा जा सका, तो दूसरे राऊंड में दहीहांडी की ऊंचाई को घटाकर कम किया जाएगा. वहीं गोविंदा टीमों द्वारा दहीहांडी फोडने हेतु लगाए गए समय के आधार पर प्रथम तीन गोविंदा टीमों का चयन करते हुए उन्हें नगद राशि से पुरस्कृत किया जाएगा.

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