करोड़पति ससुर को मारने बहू ने दी 6 लाख की सुपारी!
किराये के हत्यारों ने ससुर को उतारा मौत के घाट

* ससुर की हत्या की साजिश में बहू गिरफ्तार
* पैसों पर रोक और निजी जिंदगी में हस्तक्षेप से नाराज थी बहू
* अब बेटे की भूमिका पर भी पुलिस की नजर
कानपुर/दि.9 – कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की हत्या के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. 5 सितंबर की रात अपने फ्लैट में विनीत मिनोचा की हत्या कर दी गई थी. उनके शरीर पर चाकू से 26 से अधिक वार किए जाने की जानकारी सामने आई है. शुरुआती जांच में मामला अलग दिशा में जाता दिखाई दे रहा था, लेकिन पुलिस पड़ताल आगे बढ़ने के साथ परिवार के भीतर चल रहे तनाव, आर्थिक नियंत्रण और निजी जिंदगी में कथित हस्तक्षेप की बातें सामने आईं. पुलिस ने मामले में मृतक की 30 वर्षीय बहू शालू मिनोचा को गिरफ्तार किया है. पुलिस का आरोप है कि शालू ने अपने ससुर की हत्या के लिए 6 लाख रुपए की सुपारी दी थी. हत्या में घर के नौकर विशाल गौतम और उसके एक साथी की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
पुलिस जांच के अनुसार, विनीत मिनोचा आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद बेटे और बहू के खर्च पर कड़ा नियंत्रण रखते थे. हर खर्च का हिसाब लिया जाता था और उन्हें निर्धारित राशि ही दी जाती थी. परिवार के सदस्यों को भी अन्य कर्मचारियों की तरह वेतन के रूप में पैसे दिए जाने की बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, शालू इस व्यवस्था से नाराज थी. उसे पर्याप्त पैसा नहीं मिलने के साथ ही अपनी निजी जिंदगी में ससुर के लगातार हस्तक्षेप की शिकायत थी. घर में कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने के कारण उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी. पार्टियों और अन्य निजी गतिविधियों को लेकर भी कथित तौर पर पाबंदियां थीं. जांच में यह भी सामने आया है कि शालू को परिवार की इन बंदिशों और निजी जीवन में दखल से परेशानी थी. इसी नाराजगी के चलते उसने कथित तौर पर ससुर की हत्या की साजिश रची.
पुलिस के अनुसार, विनीत मिनोचा की हत्या के बाद जब रिश्तेदार और आसपास के लोग घर पहुंचे तो शालू उनके सामने कथित तौर पर जोर-जोर से रो रही थी. जांचकर्ताओं को उसके व्यवहार और घटनाक्रम पर संदेह हुआ, जिसके बाद परिवार के सदस्यों और घर में काम करने वाले लोगों से पूछताछ शुरू की गई. मामले की जांच में मोबाइल कॉल रिकॉर्ड महत्वपूर्ण साबित हुए हैं. पुलिस के अनुसार, शालू, उसके पति सुब्रत और घर के नौकर विशाल के बीच लगातार संपर्क था. जांच में 21 दिनों के दौरान इन लोगों के बीच करीब 330 कॉल होने की जानकारी सामने आई है. 29 अगस्त से हत्या की रात तक विशाल और सुब्रत के बीच 25 बार, जबकि विशाल और शालू के बीच 14 बार बातचीत होने का रिकॉर्ड पुलिस के सामने आया है. यानी हत्या से पहले करीब आठ दिनों में इस दंपती ने विशाल से कुल 39 बार संपर्क किया था. इतना ही नहीं, पुलिस के मुताबिक हत्या की घटना के दौरान भी शालू विशाल के संपर्क में थी और दोनों के बीच वाट्सऐप के जरिए तीन बार बातचीत हुई.
हत्या की साजिश में शालू के साथ उसके पति सुब्रत की भूमिका होने की संभावना से भी पुलिस इनकार नहीं कर रही है. मोबाइल रिकॉर्ड में विशाल के साथ उसके लगातार संपर्क को जांच का महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है. पुलिस के अनुसार, सुब्रत ने पूछताछ में घटना में अपनी भूमिका स्वीकार नहीं की है. सीसीटीवी फुटेज दिखाए जाने पर उसने विशाल को पहचानने से भी इनकार किया. उसके इस रुख ने जांचकर्ताओं के सामने कई सवाल खड़े किए हैं. हालांकि, सुब्रत की वास्तविक भूमिका के संबंध में पुलिस की जांच अभी जारी है.
फिलहाल पुलिस की जांच आर्थिक नियंत्रण, पारिवारिक तनाव, निजी जिंदगी में कथित हस्तक्षेप और आरोपियों के बीच लगातार संपर्क के इर्द-गिर्द घूम रही है. पुलिस ने बहू शालू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नौकर विशाल और अन्य संदिग्धों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है. पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या की पूरी साजिश में कौन-कौन शामिल था और किसकी क्या भूमिका थी.





