सलोना गांव में गाद निकालने के विवाद ने पकड़ा राजनीतिक रंग
पालकमंत्री से शिकायत की तैयारी

चिखलदरा/दि.30 – चिखलदरा तहसील के सलोना गांव में गाद निकालने के मामले को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. ग्रामीणों और आदिवासी संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि यह मामला अब केवल शासकीय कार्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक और व्यक्तिगत हितों की भूमिका भी सामने आ रही है. ग्रामीणों का कहना है कि राज्य सरकार की गालमुक्त बांध, गालमुक्त शिवार योजना के तहत गाद निकालने का कार्य किया जाना था, लेकिन संबंधित अधिकारी अनुमति देने में टालमटोल कर रहे हैं. आरोप है कि कुछ लोग अपने स्वार्थ और जिम्मेदारी से बचने के लिए योजना के क्रियान्वयन में बाधाएं खड़ी कर रहे हैं.
ग्रामीणों और आदिवासी संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की गई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं. उनका दावा है कि शासकीय कार्य में अड़ंगा डालने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी. इस संबंध में सलोना गांव के नागरिक और आदिवासी संगठन के प्रतिनिधि 1 जून को अमरावती में पालकमंत्री के दौरे के दौरान उनसे मुलाकात कर शिकायत सौंपने की तैयारी कर रहे हैं. शिकायत में उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की जाएगी, जो सरकारी योजना होने के बावजूद अनुमति देने से बच रहे हैं.
संगठन की ओर से यह भी आह्वान किया गया है कि धारणी से परतवाड़ा मार्ग पर चलने वाले ओवरलोड वाहनों तथा मल्हारा चेकपोस्ट पर कथित रूप से होने वाली अवैध वसूली के वीडियो और अन्य साक्ष्य एकत्र किए जाएं, ताकि संबंधित मामलों को भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखा जा सके. ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचे और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.





