जिला नियोजन निधि का वास्तविक कार्यों पर हो खर्च
जिलाधिकारी आशिष येरेकर के निर्देश

अमरावती/दि.15 – जिला नियोजन समिति के माध्यम से विभिन्न विभागों को प्राथमिकता के आधार पर निधि उपलब्ध कराया जा रहा है. इस निधि का उपयोग केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यों पर किया जाए. आगामी समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों को कार्यों पर हुए वास्तविक खर्च की जानकारी प्रस्तुत करनी होगी, ऐसे निर्देश जिलाधिकारी आशिष येरेकर ने दिए.
जिला नियोजन भवन में जिला नियोजन विकास समिति के निधि को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले, जिला पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम, धारणी के उपविभागीय अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला, उपवनसंरक्षक अर्जुना के. आर., अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय ठमके, समाज कल्याण सहायक आयुक्त राजेंद्र जाधव, जिला नियोजन अधिकारी भारत वायल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे. जिलाधिकारी येरेकर ने कहा कि प्रत्येक विभाग को शासन के निर्देशानुसार एमएचयुआयडी तैयार करना होगा. इसमें कार्यालयों की संपत्तियों का विवरण दर्ज किया जाए. इसके बाद ही चालू वर्ष के लिए निधि मांग के प्रस्ताव और प्रशासनिक मंजूरी के प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं. इससे एक ही कार्य की दोबारा प्रविष्टि होने से बचा जा सकेगा और संबंधित संपत्ति पर अब तक हुए खर्च की जानकारी भी उपलब्ध होगी. उन्होंने सभी विभागों को अपने बैंक खाते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में खोलने तथा खाते के सरकारी बैंक में होने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए.
* 15 सितंबर से पहले प्रस्ताव प्रस्तुत करें
जिला नियोजन निधि का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को अपने प्रस्ताव 15 सितंबर से पहले प्रशासनिक मंजूरी के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए. पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने लोकप्रतिनिधियों के लिए उनके कार्यों का निधि आवंटन किया है. संबंधित विभागों को लोकप्रतिनिधियों के साथ समन्वय रखते हुए उनके द्वारा सुझाए गए कार्यों को प्रस्ताव में शामिल करने को कहा गया. जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष जिला नियोजन निधि का एक प्रतिशत हिस्सा वृक्षारोपण के लिए आरक्षित रखा गया था. नए निर्माण कार्यों के परिसर में वृक्षारोपण करना आवश्यक है. इसलिए संबंधित विभाग इस दिशा में विशेष ध्यान दें. उन्होंने कहा कि विभागों की मांग के अनुसार निधि उपलब्ध कराया जा रहा है. निधि का समय पर उपयोग करने के साथ ही कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी.
* चिखलदरा-धारणी का प्रदर्शन सराहनीय
आकांक्षित तालुकों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी येरेकर ने कहा कि अमरावती जिले ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है. चिखलदरा और धारणी तालुका ने क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल किया है. सभी विभागों के योगदान से जिले को यह सफलता मिली है. उन्होंने अधिकारियों से प्रदर्शन में और सुधार करते हुए देश के शीर्ष 10 जिलों में स्थान हासिल करने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया.





