नागपुर-पुणे से ‘दिव्य दक्षिण’ और ‘बैद्यनाथ धाम’ विशेष ट्रेनें

केवल 21 हजार में धार्मिक पर्यटन का मौका

* आईआरसीटीसी की यात्रियों को पेशकश
नागपुर/ दि.27- नागपुर और पुणे से अगले महीने दो विशेष आध्यात्मिक पर्यटन ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिनसे यात्रियों को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराए जाएंगे. आईआरसीटीसी के इस उपक्रम के जरिए दक्षिण भारत के साथ-साथ पूर्व भारत की धार्मिक विरासत का अनुभव करने का अवसर मिलेगा.
नागपुर से ‘दिव्य दक्षिण यात्रा’ की शुरुआत
आईआरसीटीसी की ओर से 11 रात और 12 दिनों की दिव्य दक्षिण यात्रा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के माध्यम से शुरू की जाएगी. यह यात्रा नागपुर से 26 जून 2026 को शुरू होकर हम्पी, मैसूर, कोयंबटूर, तिरुवन्नामलाई, वेल्लोर, तिरुपति तथा मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग जैसे प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को कवर करेगी. इस यात्रा का प्रारंभिक पैकेज मूल्य प्रति व्यक्ति 21,690 रुपये तय किया गया है.
यात्रियों के लिए विभिन्न सुविधाएं
इस विशेष ट्रेन में लगभग 750 यात्रियों की क्षमता है, जिसमें इकोनॉमी स्लीपर, स्टैंडर्ड तीन-स्तरीय वातानुकूलित (3 एसी) और कम्फर्ट दो-स्तरीय वातानुकूलित (2 एसी) जैसी तीन श्रेणियां उपलब्ध हैं. यात्रा के दौरान बजट होटल में ठहरने की व्यवस्था, शाकाहारी भोजन, वातानुकूलित व नॉन-एसी वाहनों से ट्रांसफर, तथा पर्यटन स्थलों का भ्रमण शामिल है. इसके अलावा सभी यात्रियों को यात्रा बीमा का संरक्षण दिया जाएगा और संपूर्ण योजना के लिए अनुभवी टूर मैनेजर नियुक्त किए गए हैं.
नागपुर से पुणे मार्ग पर सुविधाएं
इस यात्रा के लिए नागपुर, वर्धा, बडनेरा, अकोला, भुसावल, जलगांव, चालिसगांव, मनमाड, नाशिक, इगतपुरी, कल्याण और पुणे इन स्टेशनों पर चढ़ने और उतरने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी सावधानियां लेने की जानकारी आईआरसीटीसी ने दी है.
पुणे से ‘बैद्यनाथ धाम यात्रा’
इसी तरह पुरी-कामाख्या-बैद्यनाथ धाम यात्रा यह दूसरी विशेष ट्रेन 25 जून 2026 को पुणे से रवाना होगी. इस 11 रात और 12 दिनों की यात्रा में पुरी का जगन्नाथ मंदिर, गुवाहाटी का कामाख्या मंदिर, जसीडीह का बैद्यनाथ धाम, वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर और अयोध्या का राम जन्मभूमि मंदिर दर्शाया जाएगा. इस यात्रा का प्रारंभिक शुल्क प्रति व्यक्ति 22,770 रुपये रखा गया है. पुणे से नागपुर के बीच विभिन्न स्टेशनों पर चढ़ने-उतरने की सुविधा होगी और यात्रियों को आरामदायक तथा व्यवस्थित आध्यात्मिक अनुभव देने का प्रयास आईआरसीटीसी की ओर से किया जा रहा है.

Back to top button