शालेय खिचडी वितरण पर संदेह
नगराध्यक्षा सहित पदाधिकारियों ने किया औचक निरीक्षण

दर्यापुर /दि.16– शहर में नगरपालिका तथा पंचायत समिति के मार्फत शालेय विद्यार्थियों को दिए जानेवाले मध्यान्ह भोजन (खिचडी) योजना के संदर्भ में पालकों की ओर से लगातार शिकायतें आने पर नगराध्यक्षा मंदाकिनी भारसाकले के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने खिचडी तैयार किए जानेवाले केंद्र का औचक निरीक्षण किया, किंतु निरीक्षण के दौरान संबंधित केंद्र बंद अवस्था में पाए जाने तथा वहां एक भी कर्मचारी उपस्थित नहीं रहने से संपूर्ण मामले को लेकर संदेह व्यक्त किया जा रहा है.
इस औचक निरीक्षण में गुटनेता रामेश्वर चव्हाण, शिक्षा सभापति वर्षा बोरेकर, पूर्व पार्षद असलम घाणीवाले, विनोद बोरेकार तथा जावेद शाह मौजूद थे. पदाधिकारियों ने जब प्रत्यक्ष खिचडी तैयार करनेवाले स्थान को भेंट दी, तब वहां का मुख्य दरवाजा बंद दिखाई दिया. परिसर में खिचडी तैयार करनेवाला एक भी कर्मचारी अथवा जिम्मेदार व्यक्ति उपस्थित नहीं था. जिसके कारण इस निरीक्षण दौरे के संबंध में संबंधितों को पहली जानकारी मिल रही थी क्या? ऐसा प्रश्न उपस्थित होता है तथा इस संपूर्ण मामले की गहन जांच करने की मांग हो रही है. पालकों ने इससे पूर्व भी खिचडी की गुणवत्ता, समय पर वितरण नहीं होने, उसी प्रकार केंद्र में स्वच्छता के संबंध में विविध शिकायते की थी.
इन शिकायतों की दखल लेकर नगराध्यक्षा सहित पदाधिकारियों ने प्रत्यक्ष निरीक्षण का निर्णय लिया था, किंतु केंद्र बंद होने के कारण शिकायतों में कितना दम है, इस संबंध में अब अधिक गंभीरता से जांच होने की संभावना निर्माण हुई है. इस दौरान मुख्याधिकारी डॉ. विकास खंडारे ने इस मामले की गंभीरता से दखल लेते हुए संबंधित मुद्दों की जांच करके आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ऐसा आश्वासन दिया है. वहीं शिक्षाधिकारी ने भी मध्यान्ह भोजन (खिचडी) योजना का जायजा लेने के लिए मुख्याधिकारी से पत्रव्यवहार करके समीक्षा बैठक आयोजित करने की सूचना दिए जाने की जानकारी सामने आई है. विद्यार्थियों के पोषण से और स्वास्थ्य से संबंधित इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ऐसा पदाधिकारियों ने कहा. आगामी कुछ दिनों में इस मामले की गहन जांच करके दोषी पाए जाने वालों पर योग्य कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग पालकों सहित नागरिकों ने की है.
* बच्चों के मुंह का निवाला न छीने
विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा दे और उसी के साथ-साथ शासन की नीति और उद्देश्य को लेकर विद्यार्थियों के लिए जो आहार मिलता है, वह उन्हें भरपेट दिया जाए, इतनी मैं अपेक्षा रखती हूं. बच्चों के मुंह का निवाला न छीने.
– वर्षा बोरेकार
शिक्षा सभापति, नप, दर्यापुर.