संपादकीय

उदासीनता का खामियाजा

विगत दिनों नायलोन मांजा से गले में चोट लगने के कारण एक महिला की मृत्यु हो गई. इसके बाद से जिला प्रशासन की ओर से नायलोन मांजा रखनेवाले व बिक्री करनेवाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला आरंभ हो गया है. निश्चित रूप से यह कदम जरूरी भी है. बीते कई वर्षो से नायलोन मांजा के कारण दुर्घटनाएं होती रही है. इससे पूर्व भी कई लोगों को जिले में अपनी जान गंवानी पडी है तब भी सरकार की ओर से कार्रवाई का सिलसिला आरंभ किया गया था. लेकिन कुछ दिन बाद फिर शिथिलता दी गई. जिससे एक अन्य महिला को दुर्घटना का शिकार होना पडा. जब यह स्पष्ट है कि यह मांजा जानलेवा भी साबित हो सकता है तब जरूरी था कि बिक्री करनेवालों के खिलाफ कडे कदम उठाए जाए पर प्रशासन की उदासीनता के कारण हाल ही में दुर्घटना हुई. अब प्रशासन जागरूक हुआ है. उसे कायम रखना जरूरी है.

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