एसटी रियायत के लिए लाइन में खड़े बुजुर्ग, सर्वर डाउन से बढ़ी परेशानी
एनसीएमसी कार्ड के रजिस्ट्रेशन और एक्टिवेशन में दिक्कत

* महिला व वरिष्ठ नागरिकों को बार-बार बस स्टैंड के चक्कर
अमरावती/दि.22– महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल की रियायती यात्रा के लिए एनसीएमसी कार्ड व्यवस्था लागू किए जाने के बाद तकनीकी दिक्कतों ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है. सर्वर डाउन रहने से नए कार्ड का रजिस्ट्रेशन, एक्टिवेशन और टॉप-अप प्रभावित हो रहा है. इसके चलते बस स्टैंड और अधिकृत एजेंटों के पास कार्ड बनवाने तथा रिचार्ज कराने के लिए यात्रियों की भीड़ लग रही है.
सबसे ज्यादा परेशानी वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और युवतियों को उठानी पड़ रही है. सुबह से ही यात्री काउंटरों पर कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं. कई यात्रियों का कहना है कि रियायत का लाभ लेने के लिए उन्हें बार-बार लाइन में लगना पड़ रहा है.
* कार्ड है, फिर भी रियायत में अड़चन
कई यात्रियों के पास एनसीएमसी कार्ड होने के बावजूद सर्वर संबंधी तकनीकी समस्या के कारण कार्ड का एक्टिवेशन या टॉप-अप नहीं हो पा रहा है. इससे उन्हें रियायती टिकट लेने में परेशानी हो रही है. यात्रियों का सवाल है कि तकनीकी व्यवस्था की कमी का खामियाजा आखिर लाभार्थियों को क्यों भुगतना पड़े?
* बस स्टैंड पर बढ़ी भीड़
एनसीएमसी कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन और कार्ड में राशि भरने के लिए बस स्टैंड के काउंटरों तथा अधिकृत एजेंटों के पास भीड़ बढ़ गई है. सर्वर शुरू होने का इंतजार करते हुए यात्रियों को काफी समय तक कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है. एसटी ने तकनीकी अड़चनों को देखते हुए एनसीएमसी कार्ड की अनिवार्यता की समयसीमा 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाई है. जिन पात्र यात्रियों का कार्ड अभी नहीं बना है, उन्हें निर्धारित नियमों के तहत रियायती यात्रा की सुविधा जारी रखने की व्यवस्था की गई है.
* बायोमेट्रिक में दिक्कत तो ओटीपी का विकल्प
वरिष्ठ नागरिकों को बायोमेट्रिक सत्यापन में होने वाली परेशानी को देखते हुए 21 सितंबर से आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी के जरिए एनसीएमसी पंजीकरण का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है. इससे फिंगरप्रिंट नहीं मिलने वाले लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है.
* एजेंट और कंडक्टर भी परेशान
सर्वर डाउन होने से यात्रियों के साथ-साथ कार्ड पंजीकरण करने वाले एजेंटों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, रियायती यात्रा के नियमों को लेकर यात्रियों और बस कर्मचारियों के बीच भ्रम की स्थिति भी सामने आ रही है. तकनीकी व्यवस्था पूरी तरह सुचारु होने तक यात्रियों को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है. यात्रियों की मांग है कि एनसीएमसी व्यवस्था को लागू करने से पहले तकनीकी खामियों को दूर किया जाए, ताकि बुजुर्गों और महिलाओं को रियायत के लिए घंटों कतार में खड़ा न रहना पड़े.





