मिट्टी के लिए रॉयल्टी माफ, लेकिन पत्थर के लिए लाइसेंस जरूरी
महाराष्ट्र लघु खनिज खनन नियमों में बदलाव

* खेत की मिट्टी को उसी जमीन पर इस्तेमाल करने पर राहत
* एनए प्लॉट के लिए अनुमति अनिवार्य
अमरावती/दि.22- बढ़ते शहरीकरण और निर्माण कार्यों के बीच महाराष्ट्र सरकार ने लघु खनिजों के इस्तेमाल से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है. राजस्व एवं वन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, जमीन को समतल करने या विकास कार्य के दौरान निकलने वाली मिट्टी को उसी जमीन पर इस्तेमाल करने की स्थिति में रॉयल्टी से राहत दी गई है. हालांकि, पत्थर के मामले में नियम पहले की तरह सख्त रखे गए हैं और रॉयल्टी के साथ वैध लाइसेंस जरूरी होगा.
* खेत की मिट्टी पर बड़ी राहत
कृषि भूमि को समतल करने, सुधारने या खुदाई के दौरान निकली मिट्टी का इस्तेमाल यदि उसी खेत या उसी परिसर की दूसरी कृषि भूमि को समतल अथवा विकसित करने के लिए किया जाता है, तो इसके लिए रॉयल्टी अथवा अलग से विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी. इस प्रावधान से किसानों को खेतों के समतलीकरण और भूमि सुधार कार्यों में राहत मिलने की उम्मीद है.
* एनए प्लॉट के लिए अनुमति जरूरी
गैर-कृषि जमीन के मामले में नियम अलग हैं. ले-आउट अथवा प्लॉट विकास के दौरान निकलने वाली मिट्टी को उसी प्लॉट पर इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए संबंधित प्राधिकरण से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा. यानी कृषि भूमि और एनए भूमि के लिए मिट्टी के इस्तेमाल की प्रक्रिया अलग-अलग रखी गई है.
* पत्थर निकला तो देना होगा रॉयल्टी
जमीन की खुदाई, नींव निर्माण या विकास कार्य के दौरान पत्थर निकलने पर राहत नहीं दी गई है. यदि निकले हुए पत्थर का इस्तेमाल उसी जमीन पर निर्माण कार्य के लिए किया जाना है, तब भी राजस्व विभाग से वैध अनुमति/लाइसेंस लेना और निर्धारित रॉयल्टी का भुगतान करना जरूरी होगा.
* औद्योगिक और व्यावसायिक जमीन पर भी नियम लागू
इंडस्ट्रियल और कमर्शियल जमीन पर मिट्टी के इस्तेमाल के लिए संबंधित राजस्व नियमों के अनुसार आवश्यक पंजीकरण और अनुमति प्रक्रिया पूरी करनी होगी. केवल यह तर्क कि मिट्टी उसी परिसर में इस्तेमाल की जा रही है, हर प्रकार की जमीन पर स्वत: रॉयल्टी या अनुमति से छूट नहीं देता.
* नियमों का उल्लंघन पड़ा भारी
बिना अनुमति पत्थर का उत्खनन करना अथवा नियमों के विपरीत मिट्टी निकालकर उसे दूसरी जगह ले जाना गंभीर उल्लंघन माना जाएगा. ऐसे मामलों में राजस्व एवं खनन विभाग द्वारा संबंधित व्यक्ति, जमीन मालिक या डेवलपर के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है. नए प्रावधानों का उद्देश्य लघु खनिजों के इस्तेमाल को लेकर नियमों में स्पष्टता लाना है, ताकि भूमि विकास और निर्माण कार्यों के दौरान मिट्टी एवं पत्थर के उपयोग को लेकर अनावश्यक भ्रम न रहे.
* जमीन के प्रकार के अनुसार समझें नियम
जमीन/स्थिति मिट्टी का इस्तेमाल पत्थर का इस्तेमाल
कृषि भूमि, उसी भूमि पर निर्धारित शर्तों में रॉयल्टी से राहत लाइसेंस व रॉयल्टी जरूरी
एनए प्लॉट, उसी प्लॉट पर पूर्व अनुमति जरूरी लाइसेंस व रॉयल्टी जरूरी
मिट्टी दूसरी जगह ले जाना अनुमति/नियमों का पालन जरूरी लाइसेंस व रॉयल्टी जरूरी
औद्योगिक/व्यावसायिक जमीन संबंधित राजस्व प्रक्रिया लागू लाइसेंस व रॉयल्टी जरूरी





