विद्यापीठ के विकास में कर्मचारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका
कुलगुरु डॉ. मिलिंद बारहाते का प्रतिपादन

* सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक दी गई विदाई
अमरावती/दि.2– किसी भी संस्थान की स्थापना और उसके विकास में कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान होता है. पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य करने वाले कर्मचारी किसी भी संस्था की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं. यह बात संत गाडगे बाबा अमरावती विद्यापीठ के कुलपति डॉ. मिलिंद बारहाते ने विद्यापीठ के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान में आयोजित ‘कर्तव्यपूर्ति समारोह’ को संबोधित करते हुए कही.
समारोह की अध्यक्षता कुलगुरु डॉ. मिलिंद बारहाते ने की. इस अवसर पर प्र-कुलगुरु डॉ. महेंद्र ढोरे, विद्यापीठ प्रबंधन परिषद के सदस्य डॉ. प्रवीण रघुवंशी, कुलसचिव डॉ. अविनाश असनारे, नियंत्रण अधिकारी एवं कार्यकारी अभियंता शशिकांत रोडे, उपकुलसचिव मंगेश वरखेडे, उपकुलसचिव विक्रांत मालवीय, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. विलास नांदुरकर, विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के महासचिव नरेंद्र घाटोल सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी उपस्थित थे. कुलगुरु डॉ. बारहाते ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों से अपने दीर्घ अनुभव का लाभ भविष्य में भी विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने का आह्वान किया तथा सभी सम्मानित कर्मचारियों के सुखद, स्वस्थ और सफल जीवन की शुभकामनाएं दीं. इस अवसर पर कुलगुरु डॉ. बारहाते ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों का शॉल, श्रीफल, स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मान किया. वहीं उनके परिवार की महिला सदस्यों का साड़ी, चोली तथा कुंकुम पात्र भेंट कर अभिनंदन किया गया.
मुख्य अतिथि डॉ. प्रवीण रघुवंशी ने भी इस अवसर पर अपने समयोचित विचार व्यक्त किये. साथ ही विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के महासचिव नरेंद्र घाटोल ने भी संबोधित किया. वहीं सेवानिवृत्त कर्मचारी अजय देशमुख, भीमराव वाठोरे, अनिल चौधरी, गजानन वराडे तथा मोरेश्वर मुंजाले ने अपने सेवा काल के अनुभव साझा करते हुए सहकर्मियों द्वारा मिले सहयोग, स्नेह और सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान एवं विश्वविद्यालय गीत से हुआ. विश्वविद्यालय कर्मचारी पतसंस्था की ओर से अध्यक्ष मंगेश वरखेडे, उपाध्यक्ष डॉ. अविनाश असनारे, कोषाध्यक्ष राजेश एडले तथा अन्य पदाधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भागभांडवल का धनादेश प्रदान कर सम्मानित किया. कार्यक्रम का प्रस्तावना कुलसचिव डॉ. अविनाश असनारे ने प्रस्तुत किया. संचालन जनसंपर्क अधिकारी डॉ. विलास नांदुरकर ने किया तथा आभार अधीक्षक डॉ. धनंजय पाटील ने व्यक्त किया. समारोह में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विभागाध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, सेवानिवृत्त कर्मचारी तथा सम्मानित कर्मचारियों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे.





