लोकार्पण के डेढ़ वर्ष बाद भी नामकरण अधर में

अमरावती हवाई अड्डे के नामकरण पर प्रशासनिक चुप्पी

* जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर उठ रहे सवाल
अमरावती/दि.22- अमरावती के बेलोरा स्थित हवाई अड्डे से नियमित विमान सेवा शुरू हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन इसके आधिकारिक नामकरण का मामला अब भी सरकारी फाइलों में अटका हुआ है. उद्घाटन समारोह के दौरान डिजिटल स्क्रीन पर देश के प्रथम कृषि मंत्री एवं शिक्षण महर्षि डॉ. पंजाबराव (भाऊसाहेब) देशमुख का नाम प्रदर्शित किया गया था. वहीं बीच में इस आशय की खबरें आयी थी कि, अमरावती विमानतल को ज्ञानेशकन्या संत गुलाबराव महाराज का नाम भी दिया जा सकता है. किंतु आज तक राज्य अथवा केंद्र सरकार की ओर से नामकरण संबंधी कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है. इससे नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है.
* 16 अप्रैल 2025 को हुआ था उद्घाटन
बेलोरा हवाई अड्डे का लोकार्पण 16 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों हुआ था. समारोह में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार तथा पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे. इसी दिन अमरावती-मुंबई-अमरावती पहली व्यावसायिक विमान सेवा का भी शुभारंभ किया गया था.
* जिला परिषद ने सर्वसम्मति से पारित किया था प्रस्ताव
अमरावती विमानतल को डॉ. पंजाबराव देशमुख का नाम देने के लिए स्थानीय स्तर पर लंबे समय से मांग की जा रही है. वर्ष 2022 में अमरावती जिला परिषद की सामान्य सभा में तत्कालीन सदस्य प्रकाश साबले ने नामकरण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था. इस प्रस्ताव का समर्थन तत्कालीन सदस्य नितीन गोंडाणे और अभिजीत बोके ने किया था. बाद में जिला परिषद ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को भेजा था.
* घोषणा हुई, लेकिन आदेश अब तक नहीं
उद्घाटन समारोह से पहले इस विमानतल को ज्ञानेशकन्या संत गुलाबराव महाराज का नाम दिए जाने की चर्चाएं चल रही थी. वहीं उद्घाटन समारोह के दौरान दिखाई गई विडियो क्लिप में अमरावती विमानतल का नाम डॉ. पंजाबराव देशमुख के नाम पर दिखाई दिया. लेकिन इसके बावजूद आधिकारिक शासनादेश जारी नहीं होने से स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है. वर्तमान में यात्रियों और प्रशासन के बीच भी यह सवाल बना हुआ है कि हवाई अड्डे को आधिकारिक रूप से डॉ. पंजाबराव देशमुख विमानतल कहा जाए या ज्ञानेशकन्या संत गुलाबराव महाराज अमरावती विमानतल अथवा इसे केवल अमरावती विमानतल ही संबोधित किया जाए.
* जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि उद्घाटन के समय श्रेय लेने की होड़ मचाने वाले जनप्रतिनिधि अब इस मुद्दे पर मौन हैं. लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों की राजनीति के बीच विमानतल नामकरण का विषय पीछे छूट गया है. नागरिकों का कहना है कि विदर्भ की कृषि और शिक्षा क्रांति के शिल्पकार डॉ. पंजाबराव देशमुख के सम्मान में विमानतल का नामकरण शीघ्र किया जाना चाहिए.
* जिलेभर से उठ रही मांग
सामाजिक संगठनों, विभिन्न राजनीतिक दलों तथा नागरिकों की ओर से राज्य सरकार से मांग की जा रही है कि नामकरण संबंधी लंबित प्रक्रिया को जल्द पूरा कर आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाए, ताकि अमरावती के इस महत्वपूर्ण विमानतल को डॉ. पंजाबराव देशमुख का नाम विधिवत रूप से मिल सके.

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