अंबादेवी-एकवीरा देवी पहुंचे विशेषज्ञ आर्किटेक्ट भिवगडे

दोनों संस्थान के पदाधिकारियों से महत्वपूर्ण मंत्रणा

* 410 करोड के विकास प्रारुप पर मुख्यत: चर्चा
* एक-एक सुविधा और विकास परियोजना पर दो घंटे मंथन
अमरावती /दि.6- शासकीय मान्यता प्राप्त आर्किटेक्ट भिवगडे अपने सहयोगियों के साथ आज अंबा-एकवीरा देवी संस्थान पहुंचे. दोपहर में दो घंटे तक उनकी दोनों संस्थान के पदाधिकारियों संग महत्वपूर्ण मंत्रणा हुई. अंबादेवी-एकवीरा देवी परिसर कायापलट का 410 करोड का विकास प्रारुप बनाया गया है. उसी संदर्भ में यह महत्वपूर्ण मंत्रणा होने की जानकारी पदाधिकारियों ने अमरावती मंडल को दी. उन्होंने बताया कि, प्रस्तावित परिसर विकास के कामों के साथ ही कुछ महत्वपूर्ण सुझाव और सावधानियां इस समय बताई गई. आर्किटेक्ट भिवगडे भी अधिकांश पर सहमत हो जाने की जानकारी सूत्रों ने दी.
इस बैठक में अंबादेवी संस्थान अध्यक्ष एड. दीपक श्रीमाली, सचिव रवींद्र सुर्वे, ट्रस्टी डॉ. जयंत पांढरीकर, एड. राजेंद्र पांडे, सुरेंंद्र बुरंगे, एकवीरा संस्थान से चंद्रशेखर कुलकर्णी, चंद्रशेखर भोंदू और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे. उल्लेखनीय है कि, गत मार्च माह से अंबादेवी परिसर विकास का प्रारुप चर्चा में है. राज्य सरकार के नियोजन विभाग ने संपूर्ण परिसर गांधी चौक से लेकर वीर वामनराव जोशी विद्यालय तक आमूलचूल परिवर्तन का प्रोजेक्ट तैयार किया है. जिसकी लागत 419 करोड 89 लाख अनुमानित की गई है.
विकास प्रारुप में दोनों ही मंदिर के गर्भगृह को यथास्थिति में रखते हुए आसपास के संपूर्ण वास्तु को बदलने एवं भरपूर सुविधाएं भाविकों के लिए करने का इरादा और प्लान किया गया है. पूरे परिसर की कायापलट हो जाने की संभावना और प्लानिंग की गई है. इस प्लान के कुछ खास दर्शाये गए कामों पर संस्थान पदाधिकारियों ने बदलाव के सुझाव दिए. जिसे मान्य करने की तैयारी आर्किटेक्ट की टीम ने दर्शायी. बता दें कि, नागपुर के भिवगडे प्रसिद्ध वास्तुशिल्पकार है. अंबादेवी और एकवीरा देवी तथा आसपास के संपूर्ण परिसर को अधिग्रहित कर कार्य होना है. एक-एक फीट और एक-एक इंच जगह का भरपूर इस्तेमाल दर्शनार्थियों के लिए सुविधा जुटाने से लेकर होनेवाली भारी भीड के बेहतर प्रबंधन पर भी प्लान में ध्यान दिया गया है. इन पंक्तियों के लिखे जाने तक यह बैठक शुरु थी.

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