श्रध्दा, पापाचरण से दूरी एवं धर्म के पालन ही चातुर्मास की फलश्रृति

प.पु. स्नेहयशाश्रीजी मसा आदि ठाणा 3 के आशीर्वचन

* मंगलमय भव्य चातुर्मासिक प्रवेश एवं विचक्षण आराधना भवन का दिव्य वातावरण व लोकार्पण
* जैन श्वेतांबर बडा मंदिर ट्रस्ट व दादावाडी संस्थान का आयोजन
अमरावती/दि.20– चातुर्मास के माध्यम से हम यहां चार माह तक एक ऐसा मल्टीस्पेशालिटी स्पिरीच्युअल अस्पताल शुरू करना चाहते है. जो आपके मन में छिपे राग व द्वेष को दूर कर सके. इस अस्पताल का लोकार्पण आज हुआ है. जो आगामी 4 माह में आपका उपचार कर आप को हर बीमारी से दूर करने का प्रयास करेगा. हमें अग इस चातुर्मास में केवल एक ही बात ध्यान में रखनी है कि, ईश्वर के प्रति श्रध्दा,पापाचरण से दूरी और धर्म का पालन करते हुए अगर हम ईश्वर का नाम स्मरण करेंगे तो हम चातुर्मास की हमें फलश्रृति अवश्य प्राप्त होगी. यह आशीर्वचन प.पु. स्नेहशाश्रीजी मसा आदि ठाणा 3 ने कहे.
स्थानिय राजापेठ स्थित दादावाडी संस्थान में रविवार को जैन श्वेतांबर बडा मंदिर ट्रस्ट व दादावाडी संस्थान ओर से इंद्रपुरी अंबानगरी नाम से प्रख्यात एवं विश्वप्रेम प्रचारिका समतामूर्ति पं.पू. विचक्षणश्रीजी मसा की जन्म स्थलों एवं नूतन आचार्य प.पु. जिन महेंद्रसागरसुरीश्वर की दीक्षा भूमिक के मंगलमय भव्य चातुमासिक प्रवेश एवं विचक्षण आराधना भावन के विस्तारित भवन का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया. इस अवसर वे अपने आशीर्वचनों का लाभ देते हुए प.पु. स्नेहयशाश्रीजी मसा ने उक्त बात कही.
कार्यक्रम में आज्ञा व आशीर्वाद प्रदाता खरतर गच्छधिपति प.पु. आचार्य भगवत जिन मणिप्रभासागर सुरीश्वर म.सा. छत्तीगढ श्रृंगार शासन प्रभावक प.पु. आचार्य भगवंत जिन पीयुषसागर सुरीश्वर मसा.दिव्याशीष तारक आशीर्वाद प्रदात्री कैवल्यधाम तिर्थ प्रेरिका प्रवर्तिनी प.पू. निपुणाश्री मसा. अविरल कृपा प्रदात्री मरूधर ज्योति प्रखर व्याख्यात्री प.पु. मणिप्रभाश्री मसा सम्यक तारक मिश्रा कैवल्यधाम तीर्थ प्रेरिका प्रवर्तिनी प.पू. निपुणाश्री मसा की सुशिष्या संघ स्नेह वारिधी, प्रवचन प्राविणा प.पू. स्नेहयशाश्री मसा., प.पू. शौर्यनिधीश्री मसा. उपस्थित रही.
प.पू. स्नेहयशास्त्री मसा. ने कहा कि इस चातुर्मास में जिसका जो भाव हो, वह अपने भाव के अनुसार ईश्वर की आराधना का मार्ग चुन सकते है. इर व्यक्ति को अपनी यथाशक्ति के अनुसार 36 आयंबिल पूर्णा करने चाहिए. इसके लिए उनके पास 4 माह का समय है. 4 माह में व किसी भी प्रकार से इस भाव को पूर्ण कर सकते है. हम मल्टीस्पेशालिटी स्पिरीचुअल हॉस्पिटल लेकर आए है. जिसमें रिसेप्शन परिवर्तन लेकर आएगा. ओपीडी में आपको गुरवर्य के प्रवचन सुनने का अवसर प्राप्त होगा. पॅथालॉजी में खुद की गलती दिखाने वाली आत्मनिरीक्षण कर रिपोर्ट पेश की जाएगी. ओटी में आत्मा का ऑपरेशन होगा जो प्रतिगमन, तप, त्याग और नियम के माध्यम से किया जाएगा. आईसीयू यह इनर कॉशिंयरनेस यूनिट होगा. फार्मसी में जो दवाइयां मिलेगी उससे मन एवं मस्तिष्क की भी बीमारियों को दूर करने का प्रयास होगा. इसके अलावा हमारे जैसे 3 ठाणा स्पेशालिस्ट डॉक्टर्स जो आपको दवा के साथ प्रेरणा ,आशीर्वाद, संजीवनी के माध्यम से आपकी मानसिक बीमारियों को दूर करेंगे. यहां पैसों से अधिक श्रध्दा को महत्व होगा. जब आप 4 माह पश्चात राग, द्वेष को भूलकर आत्मज्ञान की प्राप्ति करते हुए यहां से बाहर निकलेंगे तो सही मायने में यह चातुर्मास की सफलता कहलाएगी. इसी मार्ग से हमें अनादिकाल से भीडित आत्मा और मन की शुध्दिका संकल्प लेना है. ऐसा आवाहन भी उन्होंने किया. इस अवसर पर उपस्थित प.पू. सिध्दांतनिधीश्री मसा.प.पू. शौर्यनिधीश्री मसा. ने भी इस मल्टीस्पेशालिटी स्पिरिचुअल हॉस्पिटल का महत्व समझाते हुए 28 जुलाई से प्रारंभ चातुर्मास में ईश्वरीय नामस्मरण करने का आवाहन किया एवं इस संबंध में उन्होंने मार्गदर्शन दिया. सर्वप्रथम सुबह 8.30 बजे बर्तन बाजार स्थित बडा जैन मंदिर से प्रवेश यात्रा आरंभ हुई. इस अवसर पर बैन्जो के साथ रथ पर भगवान महावीर की प्रतिमा स्थापित की गई थी. उनके पीछे कलमधारी महिलाएं सहभागी रही, जिसके पश्चात कैवल्यधाम तीर्थ प्रेरिका प्रवर्तिनी प.पू. निपुणाश्री मसा की सुशिष्या संघ स्नेह वारिधी, प्रवचन प्रविणा प.पू. स्नेहयशाश्री मसा., प.पू. शौर्यनिधीश्री मसा. मार्गक्रमण कर रही थी. उनके पीछे सभी सकल जैन समाज, जैन श्वेताबंर बडा मंदिर व दादावाडी संस्थान के समाजबंधु एवं महिलाएं पादचारण कर रही थी. पुरूष सफेद वस्त्र पहनकर इस पदयात्रा में शामिल हुए. जबकि महिलाएं लाल रंग की बांधनी की साडी परिधान कर इस यात्रा में सहभागी हुई.
जैसे ही दादावाडी संस्थान बडनेरा में पदयात्रा का आगमन हुआ सर्वत्र ढोल-ताशे के साथा उनका स्वागत किया गया. साथ ही चातुर्मास निमित्त कैवल्यधाम तीर्थ प्रेरिका प्रवर्तिनी प.पू. निपुणाश्री मसा की सुशिष्या संघ स्नेह वारिधी, प्रवचन प्रविणा प.पू. स्नेहयशाश्री मसा. प.पू.सिध्दांतनिधीश्री मसा. का मंगल प्रवेश हुआ. कार्यक्रम के अंतिम पडाव में विचक्षण आराधना भवन जिसका विस्तार किया गया है.उसका कैवल्यधाम तीर्थ प्रेरिका प्रवर्तिनी प.पू. स्नेहयशाश्री मसा.,प.पू. शौर्यनिधिश्री मसा., प.पू. शौर्यनिधीश्री मसा. के हाथों लोकार्पण किया गया. इस अवसर पर गौतमचंद चोपडा, प्रकाश गोलछा और भद्रावति के दिनेश कोचर की उपस्थित रही. अतिथियों का आयोजन समिति की ओर से सत्कार किया गया. इसके अलावा प्रमुख लाभार्थी शांतादेवी बोथरा परिवार नागपुर,जैन श्वेताबंर बडा मंदिर ट्रस्ट, विशेष सहयोगी एड. देवराज-गोकुलचंद-सुगनचंद बोथरा परिवार, पारसमल चुन्नीलाल चारडिया परिवार का इस भवन निर्माण में विशेष सहयोग रहा है. इन सभी परिवारों के सदस्यों का आयोजकों की ओर से विशेष आभार व्यक्त किया गया.
कार्यक्रम की शुरूवात नवकार मंत्र से की गई. कीर्ति बाफना, वीरेंद्र गोलेच्छा ने सामूहिक वंदना, नेहा वेद, निकिता बुच्चा ने मंगलाचरण ,लता बोथरा, नीता बोकडिया व खजांची ने स्वागत गीत प्रस्तृत किया. कार्यक्रम की प्रस्तावना भरतप्रकाश खजांची ने रखी. संचालन सीए श्रेणिक बोथरा व अनिता चोरडिया ने तथा आभार जितेंद्र गोेलछा ने माना. भवन निर्माण निर्माण की विस्तृत जानकारी एड. विजय बोथरा ने दी. कार्यक्रम के अंत में सभी ने स्वामीवात्सल्य का लाभ लिया. जिसके संघवी मातृश्री अणवीबाई गेमीचंद लुनिया परिवार लाभार्थी रहे. इस चातुर्मास के लिए गठित समिति संघ संरक्षक सुगनचंद बोथरा, नगीनचंद बुच्चा, कांतीभाई गोला, संयोजक कोमल बोथरा, नवीन चोरडिया, अध्यक्ष संघवी जसवंतराज लुनीया स्वागत अध्यक्ष भारतप्रकाश खजांची, सचिव जितेंद्र गोलछा, कोषाध्यक्ष विजय बुच्चा, सुशील गोलछा, उपाध्यक्ष अनिल सुराणा, राजेंद्र बुच्चा, परेश शाह, सहसचिव अजय बुच्चा, प्रचार प्रमुख प्रफुल्ल सावला, कार्यकारिणी सदस्यों में एड.प्रमोद बोथरा, प्रकाशचंद कोठारी, महेंद्र दुग्गड, एड. अशोक जैन, रमेशचंद्र गोलछा, रविंद्र लोढा, हेमंत बोथरा, कीर्ती बाफना, विनय बोथरा, प्रवीण चोरडिया, अजय भंसाली, मनीष सकलेचा, प्रफुल्ल बोथरा, एड. रोहित बैद ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने अथक परिश्रम लिए. इस अवसर पर बडी संख्या में समाजबंधुओं की उपस्थिति रही.

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