डॉ. सुजाता सबाने एवं डॉ. शुभांगी देशमुख का विदाई समारोह
श्री शिवाजी कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में आयोजन

अमरावती/दि.1 – स्थानीय श्री शिवाजी कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में गृहअर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सुजाता सबाने तथा कनिष्ठ महाविद्यालय में भूगोल विषय की प्राध्यापिका डॉ. शुभांगी देशमुख के सेवानिवृत्त होने पर भावभीना सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया.
महाविद्यालय के डॉ. पंजाबराव देशमुख सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. महेंद्र मेटे ने की. समारोह में श्री शिवाजी शिक्षण संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एड. गजाननराव पुंडकर, उपाध्यक्ष एड. जे. वी. पाटील पुसदेकर, महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. ज्ञानेश्वर भिसे, अनिल झाडे तथा एड. सुनील देशमुख प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. इस अवसर पर डॉ. संजय कटाईत, डॉ. नीता गिरी, डॉ. राजेश मिरगे, प्रा. कविता पाटील और प्रा. सीमा मेटकर ने अपने संबोधन में दोनों शिक्षिकाओं के शैक्षणिक योगदान, समर्पण और सेवा कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं. वहीं एड. सुनील देशमुख, प्रशांत पाटील सबाने तथा हिमांशु झाडे ने उनके व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए.
मुख्य अतिथि एड. गजाननराव पुंडकर, एड. जे. वी. पाटील पुसदेकर तथा अध्यक्ष डॉ. महेंद्र मेटे ने कहा कि डॉ. सुजाता सबाने और डॉ. शुभांगी देशमुख ने अपने लंबे सेवाकाल में शिक्षा, अनुशासन और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है. समारोह में दोनों का शॉल, श्रीफल, स्मृति-चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया गया. डॉ. सुजाता सबाने वर्तमान में संत गाडगेबाबा अमरावती विश्वविद्यालय के गृहअर्थशास्त्र अध्ययन मंडल की अध्यक्ष भी हैं. इस अवसर पर अध्ययन मंडल के सदस्यों, अमरावती संभाग के गृहअर्थशास्त्र विभाग के प्राध्यापकों तथा महाविद्यालय के विभिन्न विभागों और उनके शुभचिंतकों की ओर से भी उनका विशेष सम्मान किया गया.
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोज जोशी ने किया, जबकि डॉ. जयराम गायकवाड ने प्रस्तावना प्रस्तुत की. अतिथियों का स्वागत डॉ. संगीता भुयार, डॉ. कुलदीप मोहाडीकर, प्रा. राजेश गांजरे एवं प्रा. कविता पाटील ने किया तथा डॉ. प्रशांत हरमकर ने आभार व्यक्त किया. समारोह में महाविद्यालय के प्राध्यापक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी तथा दोनों सम्मानित शिक्षिकाओं के परिजन और शुभचिंतक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.





