सातेगांव में बिजली संकट से किसान परेशान

12 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश के बावजूद दो घंटे भी नहीं मिल रही बिजली

किसानों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
अंजनगांव सुर्जी /दि.17– तहसील के सातेगांव क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. किसानों को प्रतिदिन मुश्किल से दो घंटे बिजली मिल रही है. इससे खेती-किसानी के काम प्रभावित हो रहे हैं. बिजली की अनियमित आपूर्ति से नाराज किसानों ने सणी शेलके के नेतृत्व में अंजनगांव सुर्जी स्थित बिजली वितरण कंपनी के कार्यालय पर धावा बोलकर अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं. किसानों ने बिजली आपूर्ति में तत्काल सुधार नहीं होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है.
* एक साल से प्रभारी अभियंता के भरोसे कामकाज
किसानों ने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष से सातेगांव क्षेत्र के बिजली विभाग का कामकाज प्रभारी अभियंता कु. एस. ए. किचंबरे के भरोसे चल रहा है. इसके चलते क्षेत्र में बिजली से संबंधित समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं. किसानों का कहना है कि प्रभारी अभियंता फोन तक नहीं उठाते और न ही बिजली आपूर्ति की समस्याओं का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचते हैं. किसानों ने सवाल उठाया कि जब संबंधित अधिकारी फोन तक नहीं उठाते, तो वे अपनी समस्याएं आखिर किसके सामने रखें? उन्होंने मांग की कि प्रभारी अभियंता कु. एस. ए. किचंबरे से तत्काल प्रभार हटाकर किसी अनुभवी अभियंता को जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में सुधार हो सके.
* 12 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश, फिर भी दो घंटे भी नहीं
किसानों के अनुसार, शासन के निर्देशों के मुताबिक कृषि कार्यों के लिए 12 घंटे बिजली आपूर्ति की जानी चाहिए. इसके बावजूद सातेगांव क्षेत्र में नियमित रूप से दो घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है. वर्तमान में फसलों को सिंचाई के लिए पानी की अत्यंत आवश्यकता है. ऐसे समय में बिजली की अनियमित आपूर्ति से किसानों की चिंता बढ़ गई है और फसलों पर संकट मंडरा रहा है. किसानों का कहना है कि समय पर सिंचाई नहीं होने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है. एक ओर किसान विभिन्न कृषि समस्याओं से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बिजली आपूर्ति की बदहाल स्थिति उनकी परेशानी बढ़ा रही है.
* सहायक अभियंता ने सुनी किसानों की समस्याएं
किसानों के आक्रामक रुख को देखते हुए अचलपुर स्थित बिजली वितरण कंपनी के सहायक अभियंता प्रशांत बी. फुटाने तत्काल अंजनगांव सुर्जी कार्यालय पहुंचे. उन्होंने किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं. साथ ही बिजली आपूर्ति में आ रही तकनीकी दिक्कतों को जल्द दूर कर व्यवस्था सुचारु करने का आश्वासन दिया. हालांकि, किसान केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं. उन्होंने मांग की कि बिजली आपूर्ति में तत्काल सुधार किया जाए और कृषि कार्यों के लिए निर्धारित समय के अनुसार बिजली उपलब्ध कराई जाए. किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे.

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