अमरावती में सद्भावना मंच स्थापित
समाज में शांति, सौहार्द, सहयोग रहेगा लक्ष्य

अमरावती/दि.26- शहर के मरकज इस्लामी हॉल में बीती शाम सद्भावना मंच के बैनर तले एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय समाज के विभिन्न वर्गो और समुदायों के बीच प्रेम, सद्भावना, सौहार्द और सहयोग को बढावा देना तथा गलतफहमियों के दौर में संवाद के माध्यम से एक आदर्श समाज की स्थापना करना रहा.
कार्यक्रम की शुरूआत जमात ए इस्लामी हिंद, अमरावती के अध्यक्ष हाफिज अब्दुल कादिर द्बारा प्रस्तुत प्रस्तावना से हुई. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह बैठक हमारे शहर और आपसी रिश्तों शांति और सहयोग की एक नई शुरूआत है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मंच किसी विशेष धर्म या राजनीतिक उद्देश के लिए नहीं है, बल्कि विभिन्न समुदायों के बीच एक दूसरे के धर्म, आस्था और विचारों के प्रति सम्मान और जागरूकता प्रदान करना इसका मुख्य लक्ष्य है.
इस सत्र की अध्यक्षता डॉ. सैयद रफीक पारनेरकर ने अपने संबोधन में अहमदनगर में फातिमा सदभावना मंच की स्थापना का जिक्र करते हुए कहा कि समाज में सदभावना बढाने के लिए महिलाओं का योगदान अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने याद दिलाया कि महाराष्ट्र के संतों ने जात- पात से उपर उठकर मानवता और इंसानियत का संदेश दिया है. उन्होंने संत तुकडोजी महाराज और संत गाडगे महाराज के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि पवित्र कुरान और भारतीय संविधान के आदर्शो के अनुरूप सभी मानव एक ही परिवार का हिस्सा है. उन्होंने शिवाजी महाराज, शाहू महाराज, डॉ. बाबासाहब आंबेडकर और ज्योतिबा फुले द्बारा दिए गये समानता व बंधुत्व के पैगाम को भी याद किया. जबकि संचालन जनाब अजमतुल्लाह खान ने बखूबी निभाया. इस आयोजन में शहर के विभिन्न समुदायों के गणमान्य नागरिक और श्रोता बडी संख्या में उपस्थित रहे. जिन्होंने अमरावती को शांति और प्रेम का प्रतीक बनाने का संकल्प लिया.





