पदमिनी एकादशी उत्सव में सैकडों सहभागी

राधाकृष्ण मंदिर में भव्य नौका विहार

* श्री श्याम महाराज ने बताया महात्म्य
* अमराई मनोरथ ने किया श्रध्दालुओं को मंत्रमुग्ध
अमरावती/दि.28– श्री राधाकृष्ण सेवा समिति द्बारा आज पदमिनी एकादशी उपलक्ष्य रंगारी गली स्थित श्री माहेश्वरी राधाकृष्ण मंदिर में भगवान के नौका विहार के अलौकिक दर्शन का आयोजन किया तो हजारों की संख्या में भाविक उमड पडे. संपूर्ण परिसर राधा- कृष्ण के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा था. नौका विहार के साथ ही अमराई मनोरथ अर्थात आम के फलों और टहनियों से समस्त गर्भगृह एवं देवालय का श्रृंगार उपस्थितों को लुभा गया. इसके साथ ही श्री श्याम महाराज के मुखारविंद से एकादशी की आज की कथा एवं उसकी महत्ता विषद हुई. उपस्थित भक्त भावविभोर हो गये.
राधाकृष्ण समिति के आयोजन में जन- जन की उपस्थिति ने ही शोभा गरिमा बढाई. सभी आयोजकों का चाव देखते ही बना. प्रत्येक ने नौका विहार के सौंदर्यीकरण में योगदान किया. फलस्वरूप अत्यंत सुंदर, मनमोहक, चित्ताकर्षक दर्शन भगवान राधाकृष्ण के दिव्य स्वरूप के हो गये थे. श्री श्याम महाराज ने एकादशी की कथा का वर्णन किया. प्रत्येक ने दत्त चित्त होकर वह वर्णन और आवाहन ग्रहण किया. आप ने बताया कि यज्ञ और अन्य तप, अनुष्ठान न भी कर सके तो भी मानव जीवन में एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए. व्रत किस प्रकार किया जाए, इसका वर्णन भी श्याम महाराज ने अपनी शैली में किया. उपस्थित श्रध्दालुओं को यह शैली बडी पसंद आयी. उन्होंने कहा कि यज्ञ करने जितना पुण्य मात्र एकादशी का नित्य नियम से व्रत उपवास करने से सुफल प्राप्त होता है. उन्होंने आज के आपाधापी पूर्ण युग में नाम जप की महत्ता भी विषद की. आपका स्वागत समिति के नीलेश चांडक और अन्य ने किया.
नौका विहार दर्शन का आनंद लेने के साथ ही प्रसादी का सभी ने आनंद लिया. अधिक मास अर्थात पुरूषोत्तम मास होने से भाविक उमडे. मंदिर और परिसर में पग रखने की जगह शेष न थी. अनेक माताएं बहनें अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने एकादशी के इस आनंदायक उत्सव में सहर्ष लेकर सहभागी हुई थी.

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