मैं स्वतंत्र और जनहित आधारित राजनीति का पक्षधर
शिंदे सेना में शामिल होने के बाद अमरावती आगमन होने पर बच्चू कडू का बयान

अमरावती/दि.2 – शिंदे सेना में प्रवेश लेने के बाद अमरावती प्रथम नगरागमन पर पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने अपने निर्णय और राजनीतिक भूमिका को लेकर कहा कि, वे स्वतंत्र और जनहित आधारित राजनीति के पक्षधर है और किसी दबाव में काम नहीं करेंगे.
बच्चू कडू ने स्पष्ट किया कि, उन्होंने जो भी निर्णय लिया है, वह किसी निजी सुविधा के लिए नहीं, बल्कि परिस्थितियों की मजबूरी के चलते लिया गया है. उनके मुताबिक यह कदम समय की मांग थी. इसके अलावा उनका कोई व्यक्तिगत लाभ का फैसला नहीं है. उन्होंने एक सवाल के जवाब में उबाठा के संजय राऊत पर तीखा हमला करते हुए कहा कि, हम किसी मुंबई-दिल्ली के नेताओं के गुलाम नहीं है. उन्होंने यह आरोप लगाया कि, जिन लोगों को उन्होंने खुद आगे बढाकर नेता बनाया, वहीं अब उन्हें नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे है. इस वजह से उन्हें अपनी स्वतंत्र भूमिका स्पष्ट करनी पडी. शिंदे सेना में शामिल होने के बाद बच्चू कडू ने कहा कि, उन्होंने पार्टी के झंडे और धनुष्यबाण को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया है. उनके अनुसार शिवसेना एक ऐसी पार्टी है, जो सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास करती है. उन्होंने कहा कि, उनकी प्राथमिकता मजदूर और गरीब जनता व किसान है. उनका प्रयास रहेगा कि, आम लोगों को यह महसूस हो कि, शिवसेना उनकी अपनी पार्टी है और उनके हितों के लिए काम कर रही है. अचलपुर विधानसभा क्षेत्र को लेकर उन्होंने साफ कहा कि, यह उनका अधिकार का निर्वाचन क्षेत्र है. आनेवाले चुनाव में वे इसी निर्वाचन क्षेत्र से अपनी दावेदारी पेश करेंगे.
* जाति-धर्म की राजनीति का विरोध
बच्चू कडू ने वर्तमान राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, आज जाति, धर्म, पंथ और पैसे के आधार पर राजनीति हो रही है, जो गलत है. उन्होंने ऐसे विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ लडने का संकल्प जताया. साथ ही उन्होंने सभी महापुरुषों के विचारों का सम्मान करते हुए आगे बढने की बात कही.





