अब मां के नाम से बच्चे की पहचान होगी
दस्तावेजों पर मां का नाम लगेगा

* सभी स्कूलों में एक ही नियम लागू
मुंबई/ दि.2- राज्य के स्कूलों में विद्यार्थियों की पहचान की पद्धति में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है. आने वाले शैक्षणिक वर्ष से विद्यार्थियों के नाम में मां का नाम अनिवार्य किया गया है. इस निर्णय के अनुसार सरकारी, अनुदानित और निजी सभी स्कूलों में एक समान नियम लागू होगा. राज्य के सभी विद्यार्थियों के आधिकारिक रिकॉर्ड में अब मां का नाम पहले दर्ज किया जाएगा. मां का नाम, पिता का नाम और उसके बाद उपनाम (सरनेम) इस तरह नया क्रम तय किया गया है. यह निर्णय आने वाले शैक्षणिक वर्ष से तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा. यह नियम सभी स्कूलों पर लागू होगा.
* यह निर्णय क्यों लिया गया?
मां के योगदान को उचित सम्मान देना, लैंगिक समानता को बढ़ावा देना और सामाजिक संतुलन साधना, यह इस निर्णय के पीछे का उद्देश्य बताया गया है.
* अलग हुए/तलाकशुदा माता-पिता और दत्तक बच्चों का क्या?
ऐसे मामलों में संबंधित परिस्थिति के अनुसार उचित रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था की जाएगी.
* यहां दर्ज होगा मां का नाम
हाजिरी पत्रक, मार्कशीट, स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र और प्रवेश-निर्गम दस्तावेज, इन सभी पर मां का नाम दर्ज किया जाएगा. यह निर्णय विद्यार्थियों की पहचान में सकारात्मक बदलाव लाएगा और मां की भूमिका को उचित सम्मान देगा.





