आज प्याज उपहार में मिले होते, तो घर ले जाता
प्याज के महंगा होने पर सीएम फडणवीस ने ली चुटकी

* नाशिक में कृषि महाविद्यालय भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में बोले सीएम
नाशिक./28 – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को नाशिक में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्याज की बढ़ी कीमतों पर हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि आज उन्हें उपहार में प्याज मिले होते तो वे उन्हें घर ले जाते. उनके इस बयान पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में हंसी की लहर दौड़ गई.
मराठा विद्या प्रसारक संस्था के कृषि महाविद्यालय की नई इमारत के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि, प्याज ऐसी फसल है जो साल में दो बार किसानों और उपभोक्ताओं दोनों की आंखों में पानी ला देती है. फिलहाल प्याज के दाम अच्छे हैं, इसलिए इस बार उन्हें किसी कार्यक्रम में उपहार स्वरूप प्याज नहीं मिला. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, आज अगर प्याज उपहार में मिले होते तो मैं उन्हें घर जरूर ले जाता. इसके साथ ही सीएम फडणवीस ने कहा कि, नाशिक देश का प्रमुख कृषि जिला है और देश के अंगूर निर्यात में इसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है. यहां का किसान कड़ी मेहनत करता है, लेकिन उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है. कई बार न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ती लागत के मुकाबले संतोषजनक नहीं होता और अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव का भी किसानों पर प्रभाव पड़ता है. इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही है.
सीएम फडणवीस ने कहा कि कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और नई तकनीकों का उपयोग बढ़ाना आवश्यक है. रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से कई राज्यों में भूमि की उर्वरता प्रभावित हुई है, इसलिए टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने इजरायल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सीमित जल संसाधनों के बावजूद आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की गई है और महाराष्ट्र में भी ऐसे प्रयोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआय) आधारित तकनीकों के उपयोग से उत्पादन लागत में 25 से 30 प्रतिशत तक कमी लाने और उत्पादकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं. किसानों के लिए विकसित मोबाइल एप के माध्यम से बुवाई से लेकर कटाई तक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके जरिए किसान मौसम, फसल रोगों और उपचार संबंधी जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को कृषि से जोड़ने के लिए कृषि महाविद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण है. कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं. साथ ही किसानों को बार-बार कर्ज के चक्र में फंसने से बचाने के लिए लाभकारी खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है.





