माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की ‘पठानी’ वसूली पर तत्काल रोक लगाओ
सांसद बलवंत वानखड़े ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर की मांग

सूखा प्रभावित किसानों और खेतिहर मजदूरों को राहत देने के लिए जीआर जारी करने पर जोर
अमरावती/दि.16 – कम बारिश और फसल बर्बादी के कारण राज्य के किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. खेतिहर मजदूरों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है. ऐसे मुश्किल समय में निजी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा कर्ज वसूली के लिए दबाव बनाए जाने पर सांसद बलवंत वानखड़े ने नाराजगी जताई है. उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर निजी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की कथित ‘पठानी’ वसूली पर तत्काल रोक लगाने तथा इस संबंध में शासनादेश (जीआर) जारी करने की मांग की है.
सांसद ने पत्र में अमरावती जिले सहित पूरे राज्य में किसानों की बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों और खेतिहर मजदूरों पर कर्ज की किश्तें चुकाने का दबाव बढ़ने से उनकी मुश्किलें और गंभीर हो रही हैं. ऐसी नाजुक परिस्थिति में सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर ग्रामीण क्षेत्रों में कर्ज वसूली पर रोक लगाने के लिए ठोस निर्णय लेना चाहिए.
* सूखे में भी राहत नहीं, जारी है वसूली का दबाव
सांसद बलवंत वानखड़े ने आरोप लगाया कि सूखे और फसल बर्बादी के बावजूद निजी माइक्रो फाइनेंस कंपनियां गरीब कर्जदारों को कोई राहत या मोहलत दिए बिना किश्तों की वसूली कर रही हैं. किश्तें जमा नहीं कर पाने वाले किसानों और खेतिहर मजदूरों पर दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में कर्जदारों के घरों और खेतों पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है. उनके अनुसार, प्राकृतिक संकट के कारण पहले से ही परेशान किसानों पर वसूली का दबाव उनकी मानसिक परेशानी को और बढ़ा रहा है. इससे ग्रामीण परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक और सामाजिक समस्याएं खड़ी हो रही हैं.
* आसान कर्ज के नाम पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
सांसद ने कहा कि आर्थिक जरूरतों और बैंकों से कर्ज प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों के कारण कई गरीब किसान और खेतिहर मजदूर निजी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से ऋण लेते हैं. इन कर्जाें की किश्तें निर्धारित समय पर चुकानी होती हैं. हालांकि, इस वर्ष फसलें बर्बाद होने और किसानों की आय प्रभावित होने से उनके लिए नियमित किश्तें चुकाना मुश्किल हो गया है. इसके बावजूद वसूली का दबाव बनाए जाने से कर्जदार परिवारों की परेशानी बढ़ रही है.
* जबरन वसूली रोकने के लिए तत्काल जीआर जारी करने की मांग
सांसद बलवंत वानखड़े ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि मौजूदा संकट को देखते हुए निजी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की जबरन वसूली पर रोक लगाने के लिए तत्काल शासनादेश जारी किया जाए. उन्होंने कहा कि किसानों और खेतिहर मजदूरों को कर्ज वसूली के दबाव से राहत देना आवश्यक है. उन्होंने यह भी मांग की कि सूखा प्रभावित ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उन्हें निराशा में कोई गंभीर कदम उठाने की नौबत न आए. सांसद की प्रमुख मांग है कि सूखा प्रभावित किसानों और खेतिहर मजदूरों को राहत देने के लिए सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे तथा निजी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की कथित मनमानी वसूली पर प्रभावी रोक लगाए.





