वन्यप्राणियों के बढ़ते हमलों पर मंत्रालय में महत्वपूर्ण बैठक
हमलावर बाघ-बिबटों को पकड़कर वडाली चिड़ियाघर में सुरक्षित रखने की मांग

* मृतकों के परिवारों को 50-50 लाख और नौकरी देने का आग्रह
अमरावती/दि.10– जिले के सोनोरी, शिरजगांव कसबा, राजुरा, तिवसा सहित विभिन्न क्षेत्रों में बाघ और तेंदुओं के बढ़ते हमलों से उत्पन्न गंभीर स्थिति को लेकर पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की पहल पर मंत्रालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. विधायक रवि राणा के प्रयास से वन मंत्री गणेश नाईक के साथ हुई इस बैठक में अमरावती जिले के सभी विधायक उपस्थित रहे.
बैठक में नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया. वन विभाग के विशेष बचाव दल के माध्यम से हमलावर बाघों और तेंदुओं को तत्काल पकड़कर वडाली स्थित प्राणिसंग्रहालय में सुरक्षित रूप से बंदिस्त करने की मांग की गई. लगातार हो रहे हमलों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल है, इसलिए वन विभाग को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने की आवश्यकता जताई गई. इसके साथ ही छत्री तालाब परिसर में प्राणी संग्रहालय विकसित करने के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई. वहीं मेलघाट क्षेत्र में वन्यजीवों के बचाव, उपचार और सुरक्षित बंदिस्तीकरण के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं, प्रशिक्षित मनुष्यबल तथा आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया. इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के साथ ही क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की बात बैठक में कही गई.
* मृतकों के परिवारों को 50 लाख और सरकारी नौकरी की मांग
वन्यप्राणियों के हमलों में जान गंवाने वाले दिनेश उर्फ दामू आवारे, ऊर्मिला ईवने, चरणदास ईखे और राजा मोरे के परिवारों को प्रत्येक 50 लाख रुपये की विशेष आर्थिक सहायता देने की मांग विधायक रवि राणा ने की. इसके अलावा प्रत्येक मृतक के परिवार के एक पात्र सदस्य को वन विभाग में सरकारी नौकरी देने के लिए विशेष निर्णय लेने का आग्रह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और वन मंत्री गणेश नाईक से किया गया. बैठक में वन विभाग, पुलिस, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने की मांग भी की गई. नागरिकों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल प्रतिबंधात्मक एवं सुरक्षा उपाय लागू करने तथा वन्यप्राणियों के हमलों को रोकने के लिए दीर्घकालीन कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया. अमरावती जिले में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को देखते हुए बैठक में वन विभाग से केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई करने के बजाय पूर्व नियोजित और त्वरित बचाव व्यवस्था मजबूत करने की अपेक्षा व्यक्त की गई. बैठक में विधायक रवि राणा, विधायक संजय खोडके, विधायक प्रवीण पोटे पाटिल, विधायक प्रवीण तायडे, विधायक उमेश यावलकर, विधायक प्रताप अडसड, विधायक केवलराम काले, विधायक गजानन लवटे आदि उपस्थित थे.





