अब रोजाना दोपहर 3 से 5 बजे तक ‘जनता दरबार’

जिलाधीश व तहसील कार्यालय में रोज होगी जनसुनवाई

* अधिकारियों को नागरिकों की शिकायतें सुनना अनिवार्य
* अनुपस्थिति में वैकल्पिक अधिकारी की व्यवस्था के निर्देश
मुंबई /दि.10-सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों के उपलब्ध नहीं रहने और नागरिकों की शिकायतों पर समय पर सुनवाई नहीं होने की बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग ने अधिकारियों के लिए प्रतिदिन दो घंटे का समय नागरिकों के नाम निर्धारित किया है. अब जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार प्रतिदिन दोपहर 3 से 5 बजे तक नागरिकों से मुलाकात कर उनकी शिकायतें और आवेदन सुनेंगे.
राजस्व विभाग के निर्देश के अनुसार इस निर्धारित समय में संबंधित अधिकारियों को नागरिकों के लिए उपलब्ध रहना होगा. विशेष रूप से इन दो घंटों के दौरान कोई आंतरिक बैठक या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित नहीं की जा सकेगी. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों को अपनी समस्याओं और शिकायतों के लिए अधिकारियों से मिलने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें.
* अधिकारी उपलब्ध नहीं तो पहले से देनी होगी सूचना
यदि किसी अधिकारी को अत्यावश्यक शासकीय कार्य, निर्धारित दौरे अथवा मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक के कारण निर्धारित समय में उपलब्ध रहना संभव नहीं है, तो इसकी पूर्व सूचना कार्यालय के सूचना फलक पर देना अनिवार्य होगा. साथ ही नागरिकों के आवेदन और शिकायतें स्वीकार करने के लिए एक सक्षम वैकल्पिक अधिकारी की नियुक्ति भी करनी होगी, ताकि अधिकारी की अनुपस्थिति में नागरिकों को वापस न लौटना पड़े.
* नागरिकों को मंत्रालय तक पहुंचने की नौबत न आए
राजस्व विभाग का मानना है कि स्थानीय स्तर पर अधिकारियों से नियमित रूप से नागरिकों की मुलाकात और शिकायतों की सुनवाई होने से छोटी-छोटी समस्याओं के लिए नागरिकों को जिला मुख्यालय से लेकर मंत्रालय तक जाने की आवश्यकता कम होगी. इसी उद्देश्य से क्षेत्रीय स्तर के महसूल अधिकारियों को नियमित रूप से नागरिकों से मिलने और उनकी समस्याएं सुनने के निर्देश दिए गए हैं.
* मुलाकातों का रखा जाएगा रिकॉर्ड
नागरिकों के साथ होने वाली मुलाकातों और उनकी शिकायतों पर कार्रवाई की निगरानी के लिए क्षेत्रीय राजस्व अधिकारियों को मध्यवर्ती नोंदवही (केंद्रीय रजिस्टर) रखने के निर्देश भी दिए गए हैं. इसमें नागरिकों की मुलाकात, उनके आवेदन तथा शिकायतों का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा. इससे शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी.
राजस्व विभाग के इस निर्णय से नागरिकों को सीधे अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए निश्चित समय मिलेगा और अधिकारियों की कार्यालयीन उपलब्धता को लेकर बनी रहने वाली शिकायतों पर भी अंकुश लगाने की उम्मीद है.

Back to top button