अमरावती में सडक हादसे रोकने जेएफडी कार्यशाला

130 पुलिस अधिकारी हुए प्रशिक्षित

अमरावती/दि.10– महाराष्ट्र में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए अमरावती में जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट कार्यक्रम के तहत विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई. इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को न्यूनतम स्तर तक लाना है.
महाराष्ट्र के पुलिस महासंचालक के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस महासंचालक, मुंबई के मार्गदर्शन में गुरुवार को अमरावती परिक्षेत्र की छह पुलिस इकाइयों के जेएफडी समन्वय अधिकारियों, क्रिटिकल कॉरिडोर टीम और प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया. कार्यशाला में सेव लाईफ फाउंडेशन के विशेषज्ञ गौतम सिंह, निलेश सालुंखे, विवेक भुसे, श्रेयस ऐरंडे और वैष्णवी कयालकर ने सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण, दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान तथा प्रभावी रोकथाम के उपायों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया.
विशेषज्ञों ने अधिकारियों को शराब पीकर वाहन चलाने, तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाने, राजमार्गों पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग और अन्य जोखिमपूर्ण कारणों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया. साथ ही दुर्घटना पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुंचाने, दुर्घटना संभावित मार्गों पर प्रभावी पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थायी सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश दिए गए.
यह कार्यशाला अमरावती शहर के पुलिस आयुक्त राकेश ओला के मार्गदर्शन में आयोजित की गई. इसमें अमरावती, अकोला, बुलढाणा, वाशिम और यवतमाल जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित 130 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए. पुलिस विभाग ने कहा कि नऋऊ कार्यक्रम के तहत प्राप्त प्रशिक्षण का उपयोग भविष्य में गंभीर और जानलेवा सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए किया जाएगा. साथ ही नागरिकों और वाहन चालकों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन कर सड़क सुरक्षा अभियान में पुलिस का सहयोग करने की अपील की गई.

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