समान नागरी कानून विधेयक जल्द रखा जाएगा विधानमंडल में

सीएम फडणवीस की घोषणा, 7 सदस्यीय समिती गठित

मुंबई /दि.9- उत्तराखंड के बाद अब जल्द ही महाराष्ट्र में भी समान नागरी कानून अस्तित्व में आता हुआ दिखाई दे सकता है. जिसे लेकर राज्य सरकार द्वारा गतिविधियां तेज कर दी गई. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान मंडल के पिछले अधिवेशन में ही इसे लेकर जानकारी दी थी. साथ ही आज इस बारे में घोषणा करते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि समान नागरी कानून के संदर्भ में सामान्य प्रशासन विभाग के जरीए 7 सदस्यीय समिती गठित की गई है. जो आगामी 6 माह के दौरान अध्ययन करते हुए अपनी रिपोर्ट विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत करेगी. समान नागरी कानून का मसौदा आगामी नागपुर शितसत्र के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा. दोनों सदनों के सामने इस मसौदे के आने के उपरांत उसे कानून में रूपांतरीत करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
विशेष उल्लेखनिय है कि, सन 2026 के बजट अधिवेशन दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समान नागरी कानून के संदर्भ और अंमल हेतु समिती गठित करने की घोषणा की थी. जिसके अनुसार सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता के तहत 7 सदस्यीय समिती गठित की गई है. जिसमें सदस्यों के तौर पर मुंबई हायकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति आर. सी. चव्हाण व एस. जी. बेहरे, राज्य के पूर्व मुख्य सचिव डी. के. जैन, पूर्व महाधिवक्ता विरेंद्र सराफ, पद्मभूषण रमेश पतंगे व सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सुवर्णा रावल का समावेश किया गया है.
इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि इस समिती द्वारा अगले 6 माह के दौरान सभी बातों का अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी जाएगी तथा सरकार द्वारा नागपुर शितसत्र के दौरान विधानमंडल के दोनों सदनों के समक्ष इस रिपोर्ट को प्रस्तुत करते हुए राज्य में समान नागरी कानून लागू करने हेतु आगे की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा. ज्ञात रहे कि उत्तराखंड में 27 जनवरी 2025 को समान नागरी कानून लागू किया गया था और इस कानून को लागू करनेवाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य रहा. वहीं अब इस कानून को महाराष्ट्र में भी लागू करने का प्रयास किया जा रहा है.

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