डोंबिवली में डॉक्टरों पर हुए हमले के निषेधार्थ अमरावती के डॉक्टरों का प्रदर्शन

जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कडी कार्रवाई की मांग

अमरावती/दि.9 – डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में महिला डॉक्टर, दो अन्य डॉक्टरों, नर्स और अस्पताल कर्मचारियों पर हुए हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन अमरावती शाखा ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान डॉक्टरों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून लागू करने की मांग की.
आईएमए अमरावती के अध्यक्ष डॉ. दिनेश वाघाडे और सचिव डॉ. विक्रम वानखड़े के नेतृत्व में बड़ी संख्या में डॉक्टर, नर्स और चिकित्सा कर्मी सुबह 10.30 बजे डॉ. पंजाबराव देशमुख मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में एकत्र हुए. इसके बाद सभी ने जिला कलेक्टर कार्यालय तक मार्च निकालकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में मांग की गई कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमलों की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए.
इस अवसर पर आईएमए पदाधिकारियों ने कहा कि मरीजों की सेवा में लगे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला बेहद निंदनीय है. ऐसी घटनाएं चिकित्सा व्यवस्था को प्रभावित करती हैं, इसलिए सरकार को स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए. प्रदर्शन में डॉ. वसंत लुंगे, डॉ. ए. टी. देशमुख, डॉ. अलका कुथे, डॉ. अनिल रोहनकर, डॉ. श्याम राठी, डॉ. जयंत पांढरीकर, डॉ. राजेश बूब, डॉ. धीरज सवाई, डॉ. विक्रम देशमुख, डॉ. आनंद काकानी, डॉ. अद्वेत पानट, डॉ. पवन अग्रवाल, डॉ. स्वप्नील शिरभाते, डॉ. सिकंदर अडवानी, डॉ. सुमेधा पांढरीकर, डॉ. नितिन जयस्वाल, डॉ. रोहण बोबडे, डॉ. सीमा अडवानी, डॉ. स्वप्नील पाटिल, डॉ. ललित चव्हाण, डॉ. अमोल ढगे, डॉ. परीक्षित ठाकरे, डॉ. विवेक कावलकर, डॉ. अभिलाश पोहोकर, डॉ. सोनाली शिरभाते, डॉ. संग्राम देशमुख, डॉ. संगोले, डॉ. शलाका बारी, डॉ. तृप्ती दानखडे, डॉ. पंकज इंगले, डॉ. श्रृति खंडेलवाल, डॉ. ललिता डोले, डॉ. संगीता सालुंंखे, डॉ. गणेश पुंडकर, डॉ. भीसे, डॉ. राजेंद्र ढोरे, डॉ. अनंत कालपांडे, डॉ. सुदेश दारव्हेकर, डॉ. रामअवतार सोनी, डॉ. मुस्तफा साबीर, डॉ. राजेश मुंदे, डॉ. विजय कुथे, डॉ. एस. के. पुंशी, डॉ. शैलेश जैसवाल, डॉ. किशोर बनसोड, डॉ. सुयोगा पानट, डॉ. प्रकाश कुटे सहित आईएमए अमरावती के अनेक वरिष्ठ एवं युवा चिकित्सकों ने भाग लिया. सभी ने एकजुट होकर चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं पर रोक लगाने और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की मांग दोहराई.

Back to top button